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आस्था की उड़ान पर ब्रेक, नियमों के फेर में फंसी खाटूश्यामजी-सालासर हेलीकॉप्टर सेवा

Khatu Shyam ji-Salasar Helicopter Service: खाटूश्यामजी और सालासर में जहां भक्तों की आस्था आसमान छूती है, वहां हवाई यात्रा की उड़ान नियमों के फेर में फंसी हुई है।

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सीकर

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Anil Prajapat

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अजय शर्मा

Sep 12, 2025

Helicopter-Service

एक दिन के लिए शुरू हुई थी हेलीकॉप्टर सेवा। पत्रिका फाइल फोटो

सीकर। राजस्थान के दो प्रमुख श्रद्धा स्थल खाटूश्यामजी और सालासर में जहां भक्तों की आस्था आसमान छूती है, वहां अब हवाई यात्रा की उड़ान सरकारी नियमों की गिरफ्त में फंसी हुई है। एक निजी कंपनी ने 23 अगस्त से हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की, लेकिन प्रशासनिक अनुमति की कमी ने इस पहल को ठप कर दिया। सीकर में एक दिन की अनुमति मिली, चूरू में एक भी नहीं।

दरअसल, प्रदेश में हवाई पट्टी पर आने वाले हेलीकॉप्टरों के लिए विभिन्न तरह के चार्ज वसूलकर अनुमति देने के नियम हैं, लेकिन हेलीपेड पर नियमित सेवा की अनुमति को लेकर गाइडलाइन नहीं होने से सीकर और चूरू जिला प्रशासन उलझ गया है।

निजी कंपनी को अनुमति नहीं मिलने पर अब हेलीकॉप्टर सेवा पर ब्रेक लग गए हैं। हालांकि कंपनी की ओर से लगातार बुकिंग की जा रही है। मामले में श्रद्धालुओं का कहना है कि जब वैष्णो देवी व केदारनाथ में नियमित सेवा के लिए कायदे तय हैं तो यहां क्यों नहीं?

प्रशासन ने नहीं दी अनुमति

खाटूश्यामजी-सालासर हवाई सेवा की अनुमति के मामले में पत्रिका टीम ने पड़ताल की तो सामने आया कि सीकर जिले में कंपनी को एक दिन की अनुमति दी गई थी, जबकि चूरू जिला प्रशासन ने एक भी दिन की अनुमति नहीं दी। नियमों की वजह से अनुमति की फाइल अटकी हुई है।

कंपनी का दावा खराब मौसम से रोकी सेवा

पत्रिका टीम ने आगामी बुकिंग और सेवा को लेकर कंपनी के प्रतिनिधि से बातचीत की। कंपनी का दावा है कि जल्द हवाई सेवा फिर से रफ्तार पकड़ेगी। खराब मौसम की वजह से सेवा बंद कर रखी है।

ये हैं बाधाएं

1. स्थायी हेलीपेड नहीं: खाटूश्यामजी व सालासर में आए दिन वीआइपी आते हैं। इसके बाद भी प्रदेश के दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों पर स्थायी हेलीपेड नहीं है।

2. एयर टैक्सी सेवा के नियमः ज्यादातर जिलों के जिला कलक्टरों के पास एविऐशन पॉलिसी की गाइडलाइन नहीं है। ऐसे में यदि कोई कंपनी यहां सेवा शुरू भी करना चाहे तो मामला कायदों में उलझ जाता है।

कई कारणों से अटकी है अनुमति

निजी कंपनी को एयर टैक्सी को एक दिन की अनुमति दी थी। अलग से हेलीपेड नहीं होने व अनुमति राज्य सरकार स्तर से जारी होने की वजह से आगे की अनुमति नहीं दी है। -मुकुल शर्मा, जिला कलक्टर, सीकर