राजधानी जयपुर में 20 साल की युवती बिना घर में बताए 1 लाख रुपये नकदी लेकर चली गई थी, जिसके 3 महीने बाद पिता ने पुलिस से परेशान होकर फांसी लगा ली। ग्रामीण शव रखकर धरने पर बैठ गए हैं।
जयपुर। दूदू थाना क्षेत्र के उदयपुरिया गांव में एक व्यक्ति ने मानसिक पीड़ा से तंग आकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 45 वर्षीय गणेश जाट पुत्र लक्ष्मण जाट के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, तीन महीने पहले उसकी 20 वर्षीय पुत्री बिना बताए एक अज्ञात युवक के साथ घर से चली गई थी। इस घटना के बाद से गणेश मानसिक रूप से परेशान था। गुरुवार को उसने गांव के पास एक पेड़ से फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवलाल बैरवा, सीओ दीपक खंडेलवाल और थानाधिकारी मुकेश कुमार पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं, मृतक के परिजन और ग्रामीण शव को जमीन पर रखकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की निष्क्रियता और प्रताड़ना के चलते गणेश ने आत्महत्या की। परिजनों ने एक करोड़ रुपये मुआवजा, एक परिजन को सरकारी नौकरी और मामले में लापरवाह पुलिस अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से समझाइश का प्रयास किया। एडीएम गोपाल परिहार, एसडीएम रमेश कुमार और तहसीलदार मदन परमार ने पीड़ित परिवार से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे।
इस दौरान धरना स्थल पर भाजपा, कांग्रेस और किसान संगठनों से जुड़े कई नेता भी पहुंचे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। मौके पर भाजपा उपप्रधान कैलाश चंद जाट, कांग्रेस नेता शिवजीराम खुर्डिया, किसान नेता बलदेव महरिया सहित कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।
गौरतलब है कि मृतक गणेश जाट ने 11 अप्रैल 2025 को अपनी पुत्री के लापता होने की रिपोर्ट दूदू थाने में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उसकी बेटी रात को एक लाख रुपये नकद और दस्तावेज लेकर चली गई थी और किसी अनजान व्यक्ति से मोबाइल पर बात कर रही थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एएसआई बन्ने सिंह को सौंपी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई।