सरकार चाहे तो निखर सकता हैं जलेब चौक
जयपुर . सरकार ने करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद उस जलेब चौक को बिसरा दिया, जहां हर माह करीब 3 लाख पर्यटक पहुंच रहे हैं। शहरवासी इस संख्या से अलग हैं। यहां हवामहल, सिटी पैलेस , जंतर-मंतर के साथ गोविन्ददेवजी मंदिर भी है। इसके बावजूद जलेब चौक की बजाय चौड़ा रास्ता में नाइट बाजार शुरू किया जा रहा है। खुद स्मार्ट सिटी कंपनी के अफसरों ने आंकलन किया है कि चौड़ा रास्ता में नाइट बाजार शुरू होता है तो प्रतिदिन 10 हजार लोग पहुंचेंगे। इनमें 7 हजार पर्यटक होंगे। इन्हें चौड़ा रास्ता में न तो हैरिटेज नजर आएगा, न जलेब चौक जैसा वैभव। लोगों ने भी अफसरों को नाइट बाजार के लिए जलेब चौक का ही विकल्प दिया है। इसके बावजूद अफसर जलेब चौक के हैरिटेज को बिसरा रहे हैं। पर्यटकों के साथ विषय विशेषज्ञों ने भी प्रोजेक्ट का स्थान बदलने की जरूरत जताई है।
जनता के सुझाव
चौड़ा रास्ता निवासी विकास समिति अध्यक्ष रमेशचंद्र बैराठी ने बताया की चौड़ा रास्ता आवासीय इलाका है। यहां नाइट बाजार विकसित करने का औचित्य ही नहीं है। इससे स्थानीय लोगों को दिक्कत होगी। जलेब चौक, हवामहल बाजार बेहतर विकल्प हैं।
स्थानीय निवासी रामकुमार टिंकर, ने कहा की चौड़ा रास्ता के लोग तो लाइटों से ही परेशान हैं। घरों में सीधे रोशनी जाती है। सजावटी लाइट लगाने के दौरान बरामदों की तोडफ़ोड़ की थी, जिन्हें अब तक सही नहीं किया।
वही व्यापारी दिनेश जैन ने कहा चौड़ा रास्ता में नाइट बाजार से व्यापारियों को परेशानी होगी। बाजार शाम को जल्दी बंद करना पड़ेगा, जिससे लोग भी परेशान होंगे। सुरक्षा के लिहाज से भी यह कदम ठीक नहीं है।
पर्यटकों की राय
मुंबई के राजेश जैन ने बताया की वे दूसरी बार आए हैं। जलेब चौक पहले से और खराब हुआ है। यहां नाइट बाजार जैसी गतिविधियां विकसित हों तो सुंदरता में चार चांद लग सकते हैं। साथ ही पर्यटकों में भी बढ़ोतरी होगी।
वही आंध्रप्रदेश की दिव्या ने कहा की जलेब चौक की बनावट आकर्षित करती है। गोवा की तर्ज पर यहां कुछ अच्छी स्टॉलें लगाईं जा सकती हैं। इससे पर्यटकों को खाने-पीने की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। खरीददारी भी कर सकेंगे।