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Monsoon 2026: राजस्थान में इस मानसून में बारिश को लेकर आई टेंशन वाली खबर, जानिए ताजा भविष्यवाणी

Monsoon 2026 Forecast: राजस्थान में अप्रेल में बेमौसमी बारिश कहर बरपा रही है, वहीं आगामी मानसून सीजन में इस साल बारिश के पैटर्न में बड़ा बदलाव होने की आशंका है।

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राजस्थान में मानसून सीजन में कम बारिश की आशंका, पत्रिका फोटो
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राजस्थान में मानसून सीजन में कम बारिश की आशंका, पत्रिका फोटो

Monsoon 2026 Forecast: राजस्थान में अप्रेल में बेमौसमी बारिश कहर बरपा रही है, वहीं आगामी मानसून सीजन में इस साल बारिश के पैटर्न में बड़ा बदलाव होने की आशंका है। एक निजी एजेंसी स्काई मेट ने इस साल देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से कमजोर रहने की आशंका जताई है। एजेंसी की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार जून से सितंबर तक मानसून में 94 प्रतिशत वर्षा होने के आसार हैं।
यदि मानसून कमजोर रहा तो इस साल देश में कृषि और खाद्यान्न उत्पादन पर नकारात्मक असर पड़ना तय है। हालांकि मौसम विज्ञान केंद्र नई दिल्ली मानसून 2026 के लिए अप्रेल के अंत में आधिकारिक पूर्वानुमान जारी करेगा।

ये जारी किए पूर्वानुमान

एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार इस साल दक्षिण पश्चिम मानसून 2026 में सामान्य से कम बारिश होने का पूर्वानुमान है। एजेंसी ने इस साल मानसून सीजन में सामान्य से कम बारिश यानि 6% की कमी का अनुमान बताया है।
पूर्वानुमान के अनुसार देश में 2026 में दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से कम का अनुमान है। जून-सितंबर के दौरान वर्षा का अनुमान 868.6 मिमी के दीर्घकालिक औसत (एलपीए) का 94% (±5%) है।

राजस्थान में सूखे की आशंका

एजेंसी के दावों पर यकीन करें तो इस साल राजस्थान समेत देश के मध्य और पश्चिमी भागों में मानसूनी वर्षा अपर्याप्त होने का अनुमान है। राजस्थान और पंजाब व हरियाणा में अगस्त से सितंबर के दौरान सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। एजेंसी के अनुसार, इस वर्ष 'सूखा' पड़ने की 30% संभावना है और बारिश सामान्य से कम होने की 40% संभावना है।

कमजोर मानसून के ये बताए कारण

एजेंसी ने राजस्थान समेत देश के कई राज्यों में इस साल मानसून कमजोर रहने के पीछे अल नीनो का मजबूत होना बताया है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के पहले दौर में अल नीनो सक्रिय होने और साल के अंत तक और मजबूत होने के संकेत हैं। वहीं मानसून सीजन के दूसरे भाग में अच्छी बारिश की अनिश्चितता भी रहने की संभावना है।

आइएमडी अप्रेल के अंत तक जारी करेगा पूर्वानुमान

निजी एजेंसी स्काई मेट बीते जनवरी में जारी पूर्वानुमान में कमजोर मानसून की आशंका जताई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) दिल्ली की ओर से अप्रेल के अंत में मानसून 2026 के लिए अपना पहला आधिकारिक पूर्वानुमान जारी किया जाएगा।

खाद्यान्न उत्पादन प्रभावित होने की आशंका

एजेंसी के अनुसार इस वर्ष मानसून सीजन में कम वर्षा होने पर आगामी खरीफ सीजन में बुवाई पर ज्यादा प्रभाव पड़ सकता है। मानसून सीजन खरीफ फसलों की बुवाई का समय होता है और कमजोर मानसून से देश में कृषि और खाद्यान्न उत्पादन घटने की आशंका है।