जयपुर

पान के पत्ते में छिपी अल्जाइमर की दवा! लखनऊ यूनिवर्सिटी की बड़ी खोज

Betel leaf: वैज्ञानिकों ने पान के पत्ते में पाया जाने वाला एक खास तत्व हाइड्रॉक्सीचाविकोल को अल्जाइमर की संभावित दवा के रूप में चिह्नित किया है।
2 min read
Dec 04, 2025
Feature image

Alzheimer's treatment: जयपुर/लखनऊ. जिस पान को हम शादी-ब्याह और मुंह मीठा करने के लिए चबाते हैं, उसी के पत्ते ने अब दुनिया को चौंकाने वाली उम्मीद दी है। लखनऊ विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने पान के पत्ते में पाया जाने वाला एक खास तत्व हाइड्रॉक्सीचाविकोल को अल्जाइमर की संभावित दवा के रूप में चिह्नित किया है। यह खोज भारत की परम्परागत ज्ञान और आधुनिक विज्ञान का अद्भुत संगम है। भारत फिर एक बार दुनिया को बता रहा है हमारी जड़ें ही हमारी ताकत हैं। पान का पत्ता अब सिर्फ मुंह का स्वाद नहीं, दिमाग का इलाज बनेगा।

ये खोजा वैज्ञानिकों ने

  • लखनऊ विश्वविद्यालय की बायोजेरोन्टोलॉजी और न्यूरोबायोलॉजी लैब के डॉ. नितीश राय की टीम ने कम्प्यूटर सिमुलेशन (इन-सिलिको स्टडी) से साबित किया कि हाइड्रॉक्सीचाविकोल अल्ज़ाइमर से जुड़े खतरनाक प्रोटीनों को सीधे रोक सकता है।
  • इस तत्व ने दिमाग के 3 सबसे अहम प्रोटीन – ष्टह्ररूञ्ज, ॥स्क्क90्र्र1 और त्र्रक्कष्ठ॥ पर बहुत मजबूत पकड़ दिखाई।
  • यह एक साथ कई कारणों पर हमला करता है – सूजन कम करता है, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस रोकता है और दिमाग की कोशिकाओं को बचाता है।
  • सबसे बड़ी बात यह शरीर में आसानी से घुल जाता है और मुंह से ली जाने वाली गोली बन सकता है!

अब चूहों पर ट्रायल होंगे

डॉ. नितीश राय ने साफ कहा "यह अभी शुरुआती लेकिन बहुत मजबूत परिणाम है। अब लैब में सेल-आधारित टेस्ट और फिर चूहों पर ट्रायल होंगे। उसके बाद इंसानी ट्रायल। अगर सब ठीक रहा तो 5-7 साल में सस्ती अल्जाइमर की गोली बाजार में आ सकती है।

खोज का हीरो

हाइड्रॉक्सीचाविकोल- पान के पत्ते में प्राकृतिक रूप से मौजूद, सस्ता, सुरक्षित और भारत में हर गली में उपलब्ध।

तीन सुपर टारगेट प्रोटीन

COMT – दिमाग के केमिकल मैसेंजर को बचाता है

HSP90AA1 – कोशिकाओं को तनाव से बचाता है

GAPDH – – दिमाग की ऊर्जा सप्लाई बनाए रखता है

Updated on:
04 Dec 2025 03:13 pm
Published on:
04 Dec 2025 03:13 pm