जयपुर

Jaipur: सरकारी फिजूलखर्च पर बड़ा प्रहार, अब फाइव स्टार होटल्स में सरकारी समारोह बैन

Rajasthan Cost Cutting Decision: राज्य सरकार ने सरकारी खर्च में कमी लाने के लिए बडा़ फैसला किया है। सरकार ने अब सरकारी समारोह, प्रदर्शनी व सेमीनार सहित अन्य कार्यक्रमों का फाइव स्टार होटल्स और निजी स्थल पर आयोजन करने पर पाबंदी लगा दी है।

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Apr 09, 2026
प्रतीकात्मक तस्वीर, मेटा एआइ

Rajasthan Cost Cutting Decision: राज्य सरकार ने सरकारी खर्च में कमी लाने के लिए बडा़ फैसला किया है। सरकार ने अब सरकारी समारोह, प्रदर्शनी व सेमीनार सहित अन्य कार्यक्रमों का फाइव स्टार होटल्स और निजी स्थल पर आयोजन करने पर पाबंदी लगा दी है।

साथ ही निर्देश दिया है कि यदि विशेष परिस्थिति में निजी स्थल पर आयोजन आवश्यक हो तो उसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी से अनुमति आवश्यक होगी। इस निर्देश से राज्य सरकार की ओर से विकसित सुविधाओं का सुचारू उपयोग हो सकेगा, वहीं सरकारी धन का अनावश्यक व्यय रोका जा सकेगा।

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मुख्य सचिव ने जारी किए निर्देश

राज्य के मुख्य सचिव की ओर से इस बारे में सभी विभागों, निगमों, स्वायत्तशासी संस्थाओं को दिशा निर्देश जारी किए गए गए हैं। इसमें कहा गया है कि सरकारी समारोह आदि के लिए विभिन्न विभागों एवं सरकार की अधीनस्थ संस्थाओं के पास उपलब्ध सुविधा सम्पन्न भवन, कान्फ्रेंस हाल का प्रयोग किया जाए। इनमें जयपुर स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआइसी), कांन्सटिट्यूशन क्लब, इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान, एचसीएम रीपा व सियाम (दुर्गापुरा) भी शामिल हैं।

कमेटी से लेनी होगी मंजूरी

विशेष परिस्थिति में निजी स्थल पर कार्यकम, प्रदर्शनी इवेंट आदि की मंजूरी के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है, जिसमें आयोजन से संबंधित विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव को सदस्य सचिव, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव एवं सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव, सचिव सदस्य बनाए गए हैं।

केंद्र भी ध्यान दे तो बढ़े राज्य की आय

केंद्र सरकार की ओर से मंगलवार को जयपुर के एक पांच सितारा होटल में पश्चिमी राज्यों के कृषि से जुड़े प्रतिनिधियों की कार्यशाला का आयोजन किया, जबकि राज्य सरकार के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर और कॉन्सटिट्यूशन क्लब,
इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान, एचसीएम रीपा सभागार व दुर्गापुरा कृषि अनुसंधान केंद्र के सभागार में ऐसी कार्यशालाएं होती रही हैं। इन आयोजनों से न केवल इन सभागारों का रखरखाव होता है, बल्कि सरकार को भी आय होती है।

फिजूलखर्च पर लगेगी रोक

जानकारों का कहना है कि जब सरकारी इमारतों में कॉन्फ्रेंस हॉल जैसी सुविधाएं मौजूद हैं फिर भी अफसर विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों का आयोजन शहर की फाइव स्टार होटल्स व अन्य निजी स्थानों पर करना पसंद करते हैं। जब​कि निजी भवनों में कार्यक्रम के लिए ​पर्याप्त स्थान मौजूद हैं। निजी स्थलों पर कार्यक्रम आयोजन पर रोक लगने से फिजूलखर्च पर सख्ती से रोक लगेगी। जिससे सरकारी धन का जनहित में उपयोग हो सकेगा।

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