जयपुर

जयपुर में पतंगबाजी बनी काल: 2 परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़, अर्पित की नाले में गिरकर मौत, धीर की सांस नली और खून की नसें कटीं

मकर संक्रांति जयपुर में दो परिवारों के लिए मातम बन गई। रिंग रोड पर पतंग लूटते समय 11 वर्षीय अर्पित नाले में गिरकर जान गंवा बैठा। वहीं, खतरनाक मांझे की चपेट में आने से छह वर्षीय धीर की गर्दन कट गई और उसकी मौत हो गई। दोनों हादसों से शहर शोक में डूब गया।
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Jan 15, 2026
Accident during kite flying in Jaipur
अर्पित (फोटो- पत्रिका)

Jaipur Makar Sankranti Kite Flying: मकर संक्रांति की खुशियां इस बार राजधानी जयपुर के दो परिवारों के लिए कभी न भरने वाला जख्म बन गईं। रिंग रोड पर पतंग लूटते हुए 11 वर्षीय अर्पित नाले में गिरकर मौत का शिकार हो गया। वहीं, खतरनाक मांझे की चपेट में आकर छह वर्षीय धीर की गर्दन कट गई। दोनों हादसों ने उत्सव की रौनक को मातम में बदल दिया।

बता दें कि खोह नागोरियान इलाके के बापूनगर निवासी 11 साल के अर्पित की रिंग रोड के पास रोपाड़ा क्षेत्र में नाले में गिरने से मौत हो गई। मंगलवार की शाम करीब छह बजे अर्पित पतंग लूटते हुए नाले में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने जेएनयू में पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया।

चप्पल से हुई पहचान

शाम को अर्पित घर के पास ही पतंग उड़ा रहा था। जब वह घर नहीं आया तो परिवार के लोग उसे तलाशने लगे। घर से कुछ दूर पर ही नाले में उसकी चप्पल दिखी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब तलाश की तो वह नाले में पड़ा हुआ था। पुलिस ने उसे निकालकर अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

टैक्सी गाड़ी चलाते हैं पिता

अर्पित के पिता महेंद्र टैक्सी गाड़ी चलाते है। मूलत: दौसा जिले के करौड़ी सिकराय के रहने वाले इस परिवार ने अपने बेटे के लिए बड़े सपने देखे थे। पिता चाहते थे कि अर्पित पढ़-लिखकर कुछ बने, परिवार का नाम रोशन करे। वह पांचवीं कक्षा का छात्र था और पढ़ाई में भी होशियार था।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

हादसे की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां पिंकी का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटे का नाम लेते ही वह बार-बार बेहोश हो रही थी, घर के लोग किसी तरह उसे संभालने में जुटे रहे। तीन साल का छोटा भाई वेद बार-बार अपने बड़े भैया को ढूंढता रहा, जिसे देखकर हर आंख नम हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बालक को नाले से निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

मांझे की चपेट में आने से दस साल के बच्चे की दर्दनाक मौत

जयपुर में एक अन्य हादसे में बुधवार शाम मांझे की चपेट में आने से दस वर्षीय बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। गर्दन पर तेज धारदार मांझे से इतना गहरा कट लगा कि उसकी सांस की नली कट गई। गंभीर हालत में परिजन उसे एसएमएस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

ट्रॉमा सर्जन डॉ. दिनेश गोरा ने बताया कि शाम करीब सवा छह बजे महल रोड क्षेत्र दस वर्षीय बच्चे धीर को परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे थे। अस्पताल आने तक उसका खून बह चुका था। यहां उसे मृत अवस्था में लाया गया। बताया जा रहा है कि उसके परिजन बिना पोस्टमॉर्टम और अन्य कोई कार्रवाई किए शव लेकर चले गए।

मुंबई से ननिहाल आया था, रूफटॉप से झांकते समय हादसा

जानकारी के अनुसार, मुंबई निवासी हितेश का पुत्र धीर कुमार (6) हाल ही में मुंबई से जयपुर अपने ननिहाल शुभम एनक्लेव आया था। बुधवार को वह कार में बैठा हुआ रूफटॉप से बाहर झांक रहा था। इसी दौरान अचानक रास्ते में फैले मांझे की चपेट में आ गया और उसकी गर्दन कट गई।

पोस्टमॉर्टम के बिना शव ले गए परिजन

बताया जा रहा है कि परिजन पोस्टमॉर्टम और अन्य कानूनी कार्रवाई के बिना ही शव लेकर चले गए। अशोक नगर थाना प्रभारी मोतीलाल ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस बताए गए पते पर पहुंची थी। लेकिन परिजनों से बात नहीं हो पाई है।

Updated on:
15 Jan 2026 05:18 am
Published on:
15 Jan 2026 05:18 am