
जयपुर
जिले में ई-मित्र केन्द्रों ( e-mitra kiosk in jaipur ) द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं के लिए निर्धारित से अधिक राशि की वसूले के मामले में जिला प्रशासन अब सख्ती के मूड में नजर आ रहा है। सरकारी अफसर ई-मित्र कियोस्क पर बोगस ग्राहक बनकर पहुंच रहे हैं और संचालकों की ओर से वसूली जा रही अवैध राशि ( illegal recovery fee ) पर कार्रवाई कर रहे हैं। जिला कलक्टर जगरूप सिंह यादव के निर्देश पर अक्टूबर माह के प्रथम सप्ताह में जिले में सैकड़ों ई-मित्र केन्द्रों के औचक निरीक्षण किये गये।
321 ई-मित्र केन्द्रों का निरीक्षण किया गया ( jaipur news )
इन निरीक्षणों में जिले के 30 ई-मित्र केन्द्रों पर ओवर चार्जिग की शिकायत सत्यापित पाई गई। इन ई-मित्र केन्द्रों पर प्रति केन्द्र पांच हजार रूपए की शास्ति लगाई गई है तथा इनके संचालन 15 दिन के लिये निलंबित कर दिए गए हैं। इसी प्रकार 31 ई-मित्र केन्द्रों पर रेट लिस्ट नहीं पाये जाने पर ऐसे हर ई-मित्र पर 1000 रुपये की शास्ति लगाई गई है। इस अवधि में कुुल 321 ई-मित्र केन्द्रों का निरीक्षण किया गया था जिसमें से निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार 260 ई-मित्र केन्द्रों की सेवाएं ( E-Mitra seva ) संतोषप्रद पाई गई हैं।
सरकारी अधिकारी बोगस ग्राहक बनकर पहुंचे ( Bogus customer )
खास बात यह है कि यह कार्रवाई जिले में पदस्थापित समस्त एसडीएम, बीडीओए तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा बोगस ग्राहकों के माध्यम से जांच की गई।
बैठक आयोजित हुई...
अतिरिक्त जिला कलक्टर उत्तर एवं प्रभारी अधिकारी जिला ई-गवनेंस समिति कनिष्क सैनी एवं एसीपी, उपनिदेशक ऋतेश कुमार शर्मा ने गुरूवार को जयपुर जिले में ई-मित्र संचालन के लिए अनुबंधित स्थानीय सेवा प्रदाताओं (एलएसपी) के साथ जिले में ई-मित्र केन्द्रों के सुचारू एवं नियमानुसार संचालन के संबंध में बैठक की।
400 से अधिक प्रकार की सेवायें दी जा रही हैं...
ऋतेशकुमार शर्मा ने बताया कि अब ई-मित्र केन्द्र समस्त राजकीय योजनाओं को आम जनता तक सुलभ रूप से पंहुचाने के आसान माध्यम के रूप में विकसित हो गये हैं। जहां 400 से अधिक प्रकार की सेवायें इन केन्द्रों द्वारा इ-मित्र पोर्टल के द्वारा आमजन को प्रदान की जा रही हैं।
ओवरचार्जिग की बढती शिकायतों पर चिंता व्यक्त हुई थी
बैठक में उपस्थित एलएसपी के प्रतिनिधियों से जिले में कार्यरत ई-मित्र केन्द्रों पर ओवरचार्जिग की बढती शिकायतों पर चिंता व्यक्त की तथा चेतावनी देते हुए निर्देशित किया कि ई-मित्र केन्द्रों के नियमानुसार संचालन की जिम्मेदारी एलएसपी की होने के नाते ई-मित्र केन्द्रों पर ओवर चार्जिग अथवा फर्जी कार्य की शिकायत का सत्यापन होने पर दोषी ई-मित्र केन्द्रों पर नियामानुसार आर्थिक शास्ति एवं निलंबन अथवा कियोस्क निरस्त करने की कार्यवाही के साथ-साथ संबंधित एलएसपी पर भी आवश्यक कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।
लएसपी को निर्देशित किया गया
बैठक में एलएसपी को निर्देशित किया गया कि वह स्वयं भी अपने स्तर पर ई-मित्र केन्द्रों के निरीक्षण की कार्यवाही करें, इसके लिये स्वयं भी निरीक्षक कार्मिक नियुक्त करें तथा फर्जी अथवा अवैध कार्य करने वाले ई-मित्र केन्द्रों को स्वयं भी चिन्हित कर उनकी सूची प्रशासन को सुपुर्द करें ताकि ऐसे ई-मित्र केन्द्रों को बंद करने एवं उनके विरूद्व कानूनी कार्यवाही शुरू आरम्भ की जा सके। बैठक में ई-मित्र केन्द्रों को नियमानुसार कार्य संपादन हेतु नियमित रूप से आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु भी एलएसपी को निर्देशित किया गया।
अधिक राशि वसूली में दोषी पाए गए ये ई-मित्र/संचालक
चाकसूः चौधरी ई-मित्र, आदेश ई-मित्र, अभिषेक कुमार सैनी
जयपुरः तुलसी इन्फोटेक/गिर्राज मीणा, सोनू डागर, उमेश नारायण शर्मा, अर्थव इन्फोटेक/पप्पू लाल मीना, एलएमवी बिजनिस सोल्यूशन/लोकेश कुमार मेठी, सोहनलाल, श्याम एन्टर प्राईजेज/सुरज सिंह
जमवारामगढ़: अजय कुमार मीणा
कोटपूतलीः साई रोजगार सेन्टर/अरविन्द शर्मा, मीना ई-मित्र/रामनारायण मीणा, शिवनाथ ई मित्र/नेमीचन्द, एन के कम्प्यूटर, देवई-मित्र/विजेन्द्र गुर्जर, विनायक ई मित्र/शिश राम गुर्जर, मोहित शर्मा
शाहपुराः राकेश कुमार शर्मा, आलोक कुमार यादव, सुनिल कुमार सैनी, कुशुम चौहान, शैलैन्द्र भार्गव, विक्रम असवाल, मुकेश कुमार सैनी
विराटनगरः राजेन्द्र सिंह राठौड, सुभाष सैनी, राज कुमार अग्रवाल, सीताराम झिंगानिया, धर्मपाल सैनी
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