जयपुर

पुष्य नक्षत्र अभिषेक के साथ प्रारंभ हुआ मोती डूंगरी गणेशजी मंदिर में जन्मोत्सव, गजानन को अर्पित किए 1008 मोदक

राजधानी जयपुर में जन्माष्टमी के उल्लास के बाद अब शहर में 9 दिन तक प्रथम पूज्य भगवान गजानन के जन्मोत्सव की खुशियां मनाई जाएंगी।

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Aug 31, 2024
Ganesh Chaturthi 2024:

जयपुर. राजधानी जयपुर में जन्माष्टमी के उल्लास के बाद अब शहर में 9 दिन तक प्रथम पूज्य भगवान गजानन के जन्मोत्सव की खुशियां मनाई जाएंगी। शहर में 7 सितंबर को भगवान का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दौरान मंदिरों में गणपति बप्पा मोरिया का जयकारा गुंजायमान रहेगा। शनिवार को पुष्य नक्षत्र के साथ प्रथम पूज्य मोती डूंगरी गणेशजी मंदिर में गणेश चतुर्थी महोत्सव की शुरुआत हुई। सुबह गजानन महाराज का पुष्य अभिषेक व ध्वज पूजन के साथ जन्मोत्सव के नौ दिवसीय कार्यक्रम शुरू हुए।

251 लीटर दूध से अभिषेक

महंत कैलाश शर्मा के सान्निध्य में सुबह प्रथम पूज्य भगवान गणेशजी 251 लीटर दूध, 25 किलो बूरा, 50 किलो दही, 11 किलो शहद, 11 किलो घी का के पंचामृत से अभिषेक हुआ, उसके बाद गुलाब जल एवं केवड़ा जल के बाद शुद्ध जल से अभिषेक किया गया। इससे पहले 501 महिलाएं कलश यात्रा के साथ मंदिर पहुंची। यात्रा में शामिल 501 महिलाएं कलश में विभिन्न तीर्थों का पवित्र जल लेकर व भजन गाती हुई चल रही थीं। इस दौरान मंदिर परिसर में गजानन भगवान के जयकारे गूंज उठे। अभिषेक के बाद भक्तों को रक्षा सूत्र व हल्दी प्रसाद वितरित किया गया। मंदिर में ध्वज पूजन कर नवीन ध्वजा धारण करवाई गई। गणेशजी को 1008 मोदक अर्पित किए गए।

कल से ध्रुवपद गायन

रविवार शाम 7 बजे से मंदिर परिसर में ध्रुपद गायन कार्यक्रम होगा। ऐसी मान्यता है कि भगवान श्री गणेश को ध्रुपद गायन सबसे अधिक प्रिय है, जिसके कारण इस दिन भजन संध्या ध्रुपद गायन के साथ शुरू की जाएगी। वहीं अगले दो दिन यानी 2 और 3 सितम्बर की शाम को कत्थक नृत्य का कार्यक्रम होगा।

4 सितंबर को सजेगी मोदकों की झांकी

महोत्सव के तहत 4 सितंबर को भगवान गणेशजी महाराज के मोदकों की झांकी के दर्शन सुबह 5 बजे से होंगे। इस दिन बाहर का प्रसाद नहीं चढ़ेगा। इस झांकी में 251-251 किलो के 2 मोदक मुख्य मोदक होंगे। इसके अलावा 5 मोदक 51 किलो के, 21 मोदक 21 किलो के, 1100 मोदक 1.25 किलो के और अन्य छोटे मोदकों की झांकी होगी। भगवान गणेशजी महाराज फूलों के झरोखे में विराजमान होंगे। मोदक झांकी के प्रसाद को बनाने में करीब 2500 किलोग्राम शुद्ध देसी घी, 3 हजार किलोग्राम बेसन, 9 हजार किलोग्राम शक्कर और करीब 100 किलोग्राम सूखे मेवे लगेंगे।

Updated on:
31 Aug 2024 01:53 pm
Published on:
31 Aug 2024 01:39 pm
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