मृतक गजेंद्र के पिता विजय सिंह ने बताया कि गजेंद्र की हनुमानजी महाराज के प्रति अटूट श्रद्धा थी। वह वह रोजाना घर पर पूजा पाठ तो करता ही था और महीने में एक बार सामोद स्थित वीर हनुमानजी दर्शन करने छोटे भाई के साथ जाते थे।
राजावास। जयपुर-सीकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर राजावास पुलिया के पास ईडन गार्डन के सामने एक दर्दनाक हादसा हुआ। बाइक पर सवार दो भाइयों को पीछे से आ रहे अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में बाइक चालक गजेंद्र सिंह (24) पुत्र विजय सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका छोटा भाई दिव्यम सिंह (17) गंभीर रूप से घायल हो गया।
दोनों भाई जयपुर हरमाड़ा स्थित आनंद विहार के निवासी थे और वीर हनुमानजी सामोद के दर्शन के लिए निकले थे।टाटियावास टोल एंबुलेंसकर्मी गणेश लोछब ने बताया कि गजेंद्र सिंह व दिव्यम सिंह (17) निवासी आनंद विहार हरमाडा से बाइक पर सवार होकर वीर हनुमानजी के दर्शन करने जा रहे थे।
राजावास पुलिया के पास ईडन गार्डन के सामने गलत दिशा में आ रहे ट्रक के कारण बाइक चालक ने ट्रक को टालने के लिए अपनी बाइक को डिवाइडर की तरफ ले लिया, जहां पीछे से तेज गति से आ रहे अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी।
इससे गजेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई और दिव्यम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची टोल एम्बुलेंस ने दोनों को कावटिया अस्पताल में पहुंचाया, जहां से दिव्यम को एसएमएस अस्पताल जयपुर रेफर कर दिया। वहीं पुलिस ने एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम कर शव परिजन के सुपुर्द कर दिया।
मृतक गजेंद्र के पिता विजय सिंह ने बताया कि गजेंद्र की हनुमानजी महाराज के प्रति अटूट श्रद्धा थी। वह वह रोजाना घर पर पूजा पाठ तो करता ही था और महीने में एक बार सामोद स्थित वीर हनुमानजी दर्शन करने छोटे भाई के साथ जाते थे।
दोनों भाइयों में काफी प्यार था, लेकिन किसको पता था कि ऐसी अनहोनी हो जाएगी। दोनों भाई सुबह 5 बजे यह कहकर निकले थे कि वह हनुमानजी दर्शन करने जा रहे हैं।जहां सवा पांच बजे एम्बुलेंस वाले का फोन आया कि आपके बच्चे की दुर्घटना हो गई है।
मृतक के पिता प्राइवेट बैंक मे गार्ड की नौकरी कर अपना परिवार पालते हैं। मृतक गजेंद्र दो भाई व दो बहन है, जहां दो पुत्रियों की चार-पांच साल पहले ही शादी कर दी।
गजेंद्र तीसरे नंबर का था व चौथे नंबर का दिव्यम सिंह था। गजेंद्र निजी कॉलेज से एमए कर रहा था। परिवार की भी काफी गरीब स्थिति है। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।