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Rajasthan Farmers News : खाद माफियाओं के खिलाफ भजनलाल सरकार का ‘महा-अभियान’, मंत्री किरोड़ी ने किया ‘स्टॉक’ का खुलासा!

भजनलाल सरकार ने खरीफ 2026 के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए खाद माफियाओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। साथ ही साफ़ किया है कि किसानों के हक की खाद की कालाबाजारी या औद्योगिक इकाइयों में डायवर्जन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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जयपुर

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Nakul Devarshi

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Updated: 15 Apr 2026, 10:47 AM IST

FILE PIC

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राजस्थान में खरीफ सीजन 2026 के आगाज के साथ ही भजनलाल सरकार 'एक्शन मोड' में नजर आ रही है। किसानों को खाद की किल्लत न हो और बिचौलिए उनकी मेहनत पर डाका न डाल सकें, इसके लिए कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने अधिकारियों को खुली छूट दे दी है। प्रदेशभर में खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनुदानित यूरिया के औद्योगिक उपयोग को रोकने के लिए विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया है।

2793 निरीक्षण और 'ऑन द स्पॉट' एक्शन

कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल के नेतृत्व में 11 अप्रैल से प्रदेशभर में विशेष गुण नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अब तक:

  • निरीक्षण: कुल 2793 विक्रेताओं और इकाइयों की जांच की गई।
  • नोटिस: नियमों की अनदेखी करने वाले 437 उर्वरक विक्रेताओं को 'कारण बताओ' नोटिस जारी किए गए।
  • निलंबन: 38 विक्रेताओं के अधिकार पत्र (लाइसेंस) तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।
  • बैन: 23 विक्रेताओं के उर्वरक विक्रय पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है और एक के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है।

कालाडेरा के औद्योगिक क्षेत्र में 'सर्जिकल स्ट्राइक'

विभाग को सूचना मिली थी कि किसानों के लिए आने वाला अनुदानित यूरिया चोरी-छिपे प्लाईवुड, रेजिन और पशु आहार बनाने वाली फैक्ट्रियों में भेजा जा रहा है। इस पर आयुक्त ने खुद कालाडेरा औद्योगिक क्षेत्र की प्लाईवुड इकाइयों पर छापेमारी की। सरकार ने चेतावनी दी है कि यूरिया का गैर-कृषि कार्य में उपयोग करने वाली इकाइयों को सीज कर उनके मालिकों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज होंगे।

खरीफ 2026: स्टॉक की स्थिति (13 अप्रैल 2026 तक)

कृषि मंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया है कि खाद की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में प्रदेश के सहकारी और निजी क्षेत्र में भारी स्टॉक उपलब्ध है:

  • यूरिया: 3,84,000 मीट्रिक टन
  • डीएपी (DAP): 71,000 मीट्रिक टन
  • एसएसपी (SSP): 2,13,000 मीट्रिक टन
  • एनपीके (NPK): 67,000 मीट्रिक टन

डॉ. किरोड़ी लाल ने कहा, "किसानों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है, आपूर्ति निरंतर जारी है और पिछले वर्षों की तुलना में इस बार हमारे पास अधिक स्टॉक है।"

प्राकृतिक खेती और सही खाद के उपयोग पर जोर

प्रमुख शासन सचिव कृषि मंजू राजपाल ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card) के आधार पर ही उर्वरक उपयोग करने के लिए जागरूक करें। सरकार का लक्ष्य है कि किसान रासायनिक खाद पर निर्भरता कम कर हरी खाद, जैविक और प्राकृतिक खेती को अपनाएं, ताकि जमीन की उर्वरा शक्ति बनी रहे।

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