जयपुर

Rajasthan Police Alert: सोशल मीडिया पर लाइव लोकेशन शेयर की तो ठग पहुंच जाएंगे आपके घर

live location risk: सोशल मीडिया पर हर मूवमेंट या लाइव लोकेशन शेयर करना बड़ा जोखिम बन सकता है। ठग आपकी रोजमर्रा की आदतों, घर का पता और रूटीन जानकर न सिर्फ साइबर फ्रॉड कर सकते हैं, बल्कि शारीरिक सुरक्षा को भी खतरा पैदा कर सकते हैं।
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Oct 05, 2026
AI-generated-image-of-Location-Fraud
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राजस्थान पुलिस ने सोशल मीडिया पर लाइव लोकेशन शेयर करने की आदत को लेकर आमजन को चेतावनी दी है। पुलिस ने अपने अधिकारिक एक्स हैण्डल पर एक पोस्ट में लिखा, “जरा सोचिए, आपकी लाइव लोकेशन अगर किसी शातिर ठग के हाथ लग जाए, तो क्या होगा?” पुलिस का साफ संदेश है कि एक क्लिक से शेयर की गई लाइव लोकेशन आपको साइबर अपराधियों के जाल में फंसा सकती है। पुलिस का नारा साफ है- “सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!”

लोकेशन शेयरिंग का छिपा खतरा

सोशल मीडिया पर हर मूवमेंट या लाइव लोकेशन शेयर करना अब सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि बड़ा जोखिम बन चुका है। ठग आपकी रोजमर्रा की आदतों, घर का पता और रूटीन जानकर न सिर्फ साइबर फ्रॉड कर सकते हैं, बल्कि शारीरिक सुरक्षा को भी खतरा पैदा कर सकते हैं। पुलिस ने आमजन की सहायता के लिए जो पोस्टर जारी किया है उसमें एक युवक खुशी-खुशी फोन पर लोकेशन शेयर करता दिख रहा है, जबकि पीछे एक काले कपड़ों वाला व्यक्ति घात लगाए बैठा है। यह दृश्य साफ बताता है कि अनजाने में दी गई जानकारी कितनी खतरनाक हो सकती है।

साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामले

राजस्थान में पिछले कुछ महीनों में डिजिटल अरेस्ट, निवेश फ्रॉड और ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर ठगी के कई मामले सामने आए हैं। जयपुर में एक बुजुर्ग दंपति को 20 दिन तक ‘डिजिटलअरेस्ट’ में रखकर करीब 2 करोड़ रुपए ठग लिए गए। दिल्ली पुलिस ने भी राजस्थान से जुड़े बैंक अकाउंट्स के जरिए डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड के मामले में गिरफ्तारियां की हैं। ऐसे मामलों में ठग अक्सर पीड़ित की निजी जानकारी और लोकेशन का इस्तेमाल करके दबाव बनाते हैं। यही वजह है कि पुलिस को इस ट्वीट की जरूरत पड़ी। राज्य में साइबर फ्रॉड लगातार बढ़ रहे हैं और लोग अनजाने में अपनी लोकेशन शेयर करके खुद को आसान शिकार बना रहे हैं।

पुलिस की तीन जरूरी सलाह

- राजस्थान पुलिस ने तीन अहम बातें याद रखने को कहा है। पहली, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी लोकेशन लाइव शेयर करने से बचें।

- दूसरी, स्मार्टफोन की सेटिंग्स में जाकर ऐप्स की लोकेशन परमिशन समय-समय पर चेक करते रहें।

- तीसरी, किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक के जरिए अपनी लोकेशन या निजी जानकारी कभी साझा न करें।

फ्रॉड होने पर तुरंत क्या करें

अगर कोई साइबर फ्रॉड हो जाए तो बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। व्हाट्सऐप नंबर 9256001930 और 9257510100 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। राष्ट्रीय पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी रिपोर्ट दर्ज की जा सकती है।

राजस्थान पुलिस का संदेश है कि आमजन में विश्वास बनाए रखने और अपराधियों में डर पैदा करने के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। राजस्थान पुलिस की ओर से आमजन के लिए दी गई यह जानकारी सिर्फ एक चेतावनी नहीं, बल्कि बढ़ते साइबर अपराधों के खिलाफ राजस्थान पुलिस की सक्रिय मुहिम का हिस्सा है। सितंबर में ‘CyberSafeRajasthan’ अभियान भी चलाया गया था। पुलिस का कहना है कि थोड़ी सी सतर्कता से बड़े नुकसान से बचा जा सकता है। अपनी प्राइवेसी को बचाएं, लोकेशन को अनावश्यक रूप से शेयर न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत रिपोर्ट करें।

Updated on:
05 Oct 2026 02:25 pm
Published on:
05 Oct 2026 02:25 pm