सीकर के फतेहपुर में अपहरण और पोक्सो एक्ट के मामले में जबरन दोषी बनाए जाने का आरोप लगाते हुए एक युवक पुलिस कमिश्नेरट कार्यालय के पास बीएसएनएल के मोबाइल टावर पर चढ़ गया।
सीकर के फतेहपुर में अपहरण और पोक्सो एक्ट के मामले में जबरन दोषी बनाए जाने का आरोप लगाते हुए एक युवक पुलिस कमिश्नेरट कार्यालय के पास बीएसएनएल के मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक का आरोप है कि इस मामले में वह एक साल की जेल काटकर आया है। वह पूरी तरह से बेगुनाह है। युवक के बीएसएनएल टावर पर चढ़ने की सूचना पर सिविल डिफेंस की टीम और विधायकपुरी थानाप्रभारी मय जाब्ते के मौके पर पहुंचे और रेसक्यू शुरू किया। सिविल डिफेंस टीम ने युवक के बचाव के लिए टावर के नीचे जाल लगाया।
थानाप्रभारी शेष करण ने बताया कि बुधवार सुबह 11 बजे एक युवक के बीएसएनएल मोबाइल टावर पर चढ़ने की सूचना मिली थी। इस पर वह मौके पर पहुंचे। टंकी पर चढ़े फतेहपुर सीकर निवासी नंदलाल (34) ने बताया कि सीकर के फतेहपुर में वर्ष 2022 में अपहरण और पॉक्सो एक्ट में एफआईआर हुई थी। इसके बाद कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया था। एक साल जेल में रहने के बाद वह बाहर आया और उस ने पुलिस को अपने बेगुनाह होने के सबूत दिए। बुधवार को नंदलाल अपने बेगुनाही के सबूत लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ा। नंदलाल ने बताया कि उसके खिलाफ जो अपहरण और पॉक्सो एक्ट में एफआईआर दर्ज हुई थी जो गलत है।
पुलिस सही जांच करती तो जेल नहीं जाना पड़ता
नंदलाल ने बताया कि फतेहपुर थाना पुलिस ने उस के खिलाफ दर्ज केस की सही जांच नहीं की, नहीं तो उसे जेल नहीं जाना पड़ता। अब वह उन जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई चाहता है जिसने झूठे केस की जांच सही नहीं की थी। नंदलाल ने विधायकपुरी थाना पुलिस को कई सबूत दिखाए, बताया कि वह बेगुनाह है। नंदलाल ने कहा कि वह मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात रखना चाहते है। बाद में पुलिस ने दो घंटे की समझाइश और अधिकारियों से मिलवाने के आश्वासन के बाद उसे 1 बजकर 10 मिनट पर नीचे उतार लिया। पुलिस ने नंदलाल को नीचे उतारने के बाद सीएमआर में अधिकारियों से मिलवाया।