
जयपुर।
राजस्थान में चुनावी हवा बह रही है। विधानसभा चुनावों की नजदीक आने के साथ ही पार्टियों ने अपने स्टार प्रचारक मैदान में उतार दिए हैं। इसी रणनीति के तहत राजस्थान में पार्टियां केंद्रीय नेतृत्व को साथ लेकर आगामी Rajasthan Vidhansabha Election 2018 की तैयारियों में जुट गई है।
राजधानी जयपुर में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मानसरोवर स्थित टैगोर विद्यालय के दीप स्मृति सभागार में युवाओं से संवाद किया। इस दौरान यहां सीएम राजे, प्रदेशाध्यक्ष मदन लाल सैनी समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।
बता दें कि शाह प्रदेश के 6 सम्भागों में भरतपुर सम्भाग के आनन्द बी.एड़. कॉलेज, उदयपुर सम्भाग के ट्रीनिटी महाविद्यालय, दलोट, जोधपुर सम्भाग के माहेश्वरी भवन, अजमेर सम्भाग के भीलवाड़ा स्थित परल कॉलेज, बीकानेर सम्भाग के श्रीगंगानगर स्थित महावीर दल मन्दिर तथा कोटा सम्भाग के राजरानी कॉम्पलैक्स में उपस्थित युवाओं से अमित शाह संवाद करेंगे।
जयपुर एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शाह का स्वागत किया। इस दौरान बीजेपी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम माथुर, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी, मंत्री कालीचरण सराफ, अरुण चतुर्वेदी भी मौजूद रहे। वहीं मानसरोवर स्कूल में भाजपा नेताओं का पहुंचने का सिलसिला जारी है।
इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी ने भी संबोधन करते हुए कहा देश का सुधार करने वाले लोगों पर संकट है। पीएम मोदी की भी स्टेज पर हत्या करने की साजिश हो रही है।
वहीं सीएम राजे ने भी संबोधन करते हुए कहा कि जब देश पर संकट आता है तो देश की युवा शक्ति और महिला शक्ति उसे बदल सकती है। राजे ने कहा प्रदेश में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा का परचम लहराएंगे। भाजपा फिर से सत्ता में आ रही है। इस दौरान राजे ने युवाओं को थोड़ी और मेहनत करने के लिए आह्वान किया और कहा कि मेहनत करने से राजस्थान में फिर से कमल खिलेगा।
राजे ने सरकार के चार सालों के कार्यों के बारे में गिनाते हुए कहा कि एक-एक पंचायत में नए स्कूल खड़े हो गए है। हमने गांवों के स्कूल में इतना विकास कराया है कि बच्चे खुद कहने लगे है सरकारी स्कूल में पढ़ना है आप और हम को राजस्थान को देश का सिरमौर बनाएंगे।
जयपुर में टेक्नो हब देश का सबसे आधुनिक टेक्नो हब बनाया है हमारी सोच बेहतर है। इसलिए कामयाबी के नए मुकाम हासिल कर रहे हैं। आईटी के मामले में राजस्थान पहले नंबर पर आ गया है। कर्नाटक ने राजस्थान से कंसल्टेंसी मांगी है, ये राजस्थान के लिए सम्मान की बात है।