
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/जयपुर। न्यायपालिका में भ्रष्टाचार को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की टिप्पणी से नाराज वकीलों ने शुक्रवार को जिला न्यायालय के बाहर कलक्ट्री सर्कल पर लगे मुख्यमंत्री के पोस्टर फाड़ दिए। वहीं, भाजपा समर्थित वकीलों ने हाईकोर्ट के बाहर रास्ता रोक दिया।
न्यायालयों में वकीलों के कार्य बहिष्कार का मिला जुला असर रहा। अपनी सेवा संबंधी मांगों को लेकर प्रदेशभर के लोक अभियोजकों ने सामूहिक अवकाश पर रहकर विरोध दर्ज कराया। भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और अधिवक्ता अरुण चतुर्वेदी के नेतृत्व में वकीलों ने राज्यपाल कलराज मिश्र को ज्ञापन भी सौंपा। चतुर्वेदी ने कहा कि सीएम की टिप्पणी गंभीर और पूरे न्याय जगत के लिए अपमान ***** है।
जिला न्यायालय के बाहर कलक्ट्री सर्कल पर अधीनस्थ न्यायालय के वकीलों ने सीएम के बयान पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। हाईकोर्ट में वकीलों का एक धड़ा पैरवी के लिए नहीं पहुंचा, वहीं महाधिवक्ता सहित सरकारी वकील व कुछ अन्य वकीलों ने न्यायिक कार्य में भाग लिया। इसी तरह अधीनस्थ अदालतों में अधिकांश वकीलों ने कार्य बहिष्कार किया, वहीं सरकार समर्थक वकील पैरवी के लिए अदालतों में पहुंचे।