
Rising Rajasthan : राइजिंग राजस्थान को लेकर कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने चिंता जताई। अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया अकाउंट X लिखा कि राजस्थान की भाजपा सरकार ने 'राइजिंग राजस्थान' के नाम पर सिर्फ इवेंटबाजी की। यहां तक कि गृह मंत्री अमित शाह से भी बड़े-बड़े दावे करवाए गए, लेकिन हकीकत यह है कि 83 फीसदी निवेश परियोजनाएं आज भी लंबित हैं और कई एमओयू रद्द होने की कगार पर हैं।
अशोक गहलोत ने आगे लिखा कि सरकार का आधा कार्यकाल बीतने को है, लेकिन धरातल पर काम कोसों दूर है। हमारी मांग है कि राज्य सरकार 'राइजिंग राजस्थान' की वास्तविक स्थिति पर तुरंत 'श्वेत पत्र' (White Paper) जारी करे और प्रदेशवासियों को सच बताए कि क्या 20 फीसदी एमओयू भी पूरे होने की स्थिति में हैं?
राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2024 के तहत राज्य सरकार ने देश-विदेश के निवेशकों के साथ 45.22 लाख करोड़ रुपए के 22,299 एमओयू किए हैं। इनमें से अब तक केवल 3,895 परियोजनाओं पर ही ग्राउंड ब्रेकिंग शुरू हो सकी है। हालांकि सरकार इसे निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की दिशा में बड़ी उपलब्धि बता रही है, वहीं बड़ी संख्या में निवेश प्रस्ताव अभी विभिन्न स्तरों पर लंबित है। यह जानकारी उद्योग मंत्री ने विधानसभा में किशनपोल विधायक अमीन कागजी के प्रश्न के लिखित जवाब में दी।
सरकार ने माना कि कुछ निवेश प्रस्ताव विभिन्न कारणों से लंबित है। इनमें भूमि आवंटन, आवश्यक अनुमोदनों की प्रक्रिया, बाजार की परिस्थितियों में बदलाव तथा निवेशकों के स्तर पर लिए गए निर्णय प्रमुख कारण है। निवेश परियोजनाओं को गति देने के लिए डायरेक्ट अलॉटमेंट पॉलिसी-2025 और राजस्थान लैंड अलॉटमेंट पॉलिसी-2025 लागू की गई है।
सबसे ज्यादा एमओयू उद्योग विभाग के सरकार के अनुसार राइजिंग राजस्थान के तहत सबसे अधिक 13,341 एमओयू उद्योग विभाग में हुए, जिनमें 4 लाख करोड़ रुपए से अधिक निवेश प्रस्तावित है। वहीं ऊर्जा क्षेत्र में 35.26 लाख करोड़ रुपए के निवेश संबंधी 1,390 एमओयू हुए हैं।
यह भी बताया कि कुछ निवेश प्रस्तावों पर आगे बढ़ने की संभावना कम है। एमओयू के दोहराव, बदली हुई बाजार परिस्थितियों और निवेशकों की ओर से परियोजनाएं नहीं लगाने के निर्णय के चलते कई समझौतों को निरस्त करने का अनुरोध किया गया है। कुछ प्रस्ताव स्वीकृति की कसौटी पर खरे नहीं उतरने के कारण भी रद्द किए जाने की प्रक्रिया में हैं। हालांकि सरकार ने इनकी संख्या का खुलासा नहीं किया है।