
Ashok Gehlot : मोतियाबिंद ऑपरेशन मामले में राजस्थान में सियासत गरमा गई है। जहां भजनलाल सरकार अलर्ट हो गई है वहीं विपक्ष भी अब सरकार को आड़े हाथ ले रही है। कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा कि डीडवाना-कुचामन के कुचामन सिटी राजकीय आई हॉस्पिटल में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 7 मरीजों की हालत गंभीर होना और आंखों की रोशनी जाने का खतरा पैदा होना बेहद चिंताजनक है। सरकारी अस्पताल में मरीज ठीक होने गया था, वहां से नई बीमारी लेकर लौटा।
अशोक गहलोत ने आगे कहा कि प्रसूताओं की मौतें, किडनी फेलियर के मामले और अब यह हादसा, भाजपा सरकार में स्वास्थ्य तंत्र किस कदर चरमरा चुका है, यह इसका जीता-जागता उदाहरण है। हमारी कांग्रेस सरकार में निःशुल्क दवा-जांच योजना, चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना एवं RGHS से आमजन को भरोसेमंद इलाज मिलता था। आज वह भरोसा टूट चुका है।
अशोक गहलोत ने कहा कि सवाल बहुत हैं, पर सरकारी जवाबदेही किसी की नहीं। सरकार तुरंत जांच कराए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे।
डीडवाना-कुचामन ज़िला कलेक्टर और ज़िला मजिस्ट्रेट अवधेश मीणा कहते हैं, 28 जुलाई को कुल 7 लोगों की आंखों का ऑपरेशन किया गया था। जब उन्हें 29 जुलाई को वापस बुलाया गया, तो कुछ दिक्कतें सामने आईं। इसके बाद, कल पांच लोगों को SMS हॉस्पिटल रेफर किया गया, जबकि 2 लोगों को फ़ॉलो-अप के लिए वापस आने को कहा गया। SMS रेफर किए गए पांचों लोगों का वहां इलाज चल रहा है। मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने नेत्र रोग विशेषज्ञों, माइक्रोबायोलॉजिस्ट और ड्रग कंट्रोलर्स की टीमें तैनात की हैं। वहाँ पहुंचने के बाद, टीम सैंपल इकट्ठा करेगी और समस्या की असली वजह और उसकी सही प्रकृति का पता लगाने के लिए पूरी जाँच करेगी।
कुचामनसिटी के राजकीय चिकित्सालय के नेत्र विभाग में मंगलवार को हुए सात नेत्र ऑपरेशनों के बाद बुधवार को 5 मरीजों ने आंखों में धुंधलापन और असहजता की शिकायत की। अस्पताल प्रशासन ने सभी को विशेषज्ञ उपचार के लिए जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर कर दिया।
चिकित्सकों के अनुसार, मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद शुरू में कुछ मरीजों को अस्थायी रूप से धुंधलापन या असहजता महसूस हो सकती है। हालांकि, वास्तविक स्थिति विशेषज्ञ जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। कार्यवाहक पीएमओ डॉ. प्रहलाद बाजिया ने बताया कि एहतियात के तौर पर मरीजों को एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया है, जहां नेत्र रोग विशेषज्ञ उनकी जांच कर रहे हैं।
एसएमएस अस्पताल प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित मरीजों में घासीराम (65 वर्ष), हीराराम (73 वर्ष), गोकुल (70 वर्ष), मीरा देवी (68 वर्ष) और नारायणी (67 वर्ष) शामिल हैं। ये सभी मरीज बुधवार रात करीब 9.30 बजे एसएमएस अस्पताल पहुंचे। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए देर रात ही सीनियर डॉक्टरों का एक विशेष मेडिकल बोर्ड गठित कर तुरंत इलाज शुरू करवाया।