Dandi March : कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने आज कहा कि देश में अघोषित आपातकाल जैसा माहौल बन गया है। आखिर अशोक गहलोत ने ऐसा क्यों कहा?
Dandi March : राजस्थान की राजधानी जयपुर में 'दांडी मार्च' दिवस पर गुरुवार को 'मौन शांति मार्च' निकाला गया। इस अवसर पर कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा कि दांडी मार्च केवल नमक कानून के विरुद्ध आंदोलन नहीं था, बल्कि अन्याय और दमनकारी नीतियों के खिलाफ दुनिया का सबसे बड़ा अहिंसक प्रतिरोध था।
जयपुर में 'दांडी मार्च' दिवस पर गुरुवार को 'मौन शांति मार्च' निकाला गया। जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा एवं नेता प्रतिपक्ष टीकराम जूली सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्ट लोग सम्मिलित हुए।
भारत सेवा संस्थान एवं अन्य गांधीवादी संस्थाओं द्वारा आयोजित यह मौन शांति मार्च एमआई रोड़ स्थित शहीद स्मारक से शुरू होकर सेन्ट्रल पार्क स्थित गांधी वाटिका तक निकाला गया और प्रार्थना सभा की गई।
इस अवसर पर कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने कहा कि जब लोकतंत्र के समक्ष नई-नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं, ऐसे समय में बापू के सत्य, अहिंसा और जनशक्ति के गांधीवादी मूल्यों को फिर से आत्मसात करना ही लोकतांत्रिक आदर्शों को सशक्त करने का सबसे प्रभावी मार्ग है।
अशोक गहलोत ने आगे कहा, जब अंग्रेजों ने नमक पर कर लगाया, तो पूरी दुनिया में यह संदेश फैल गया कि भारत में एक आंदोलन चल रहा है। वह 24 दिनों की यात्रा इसी दिन शुरू हुई थी। यह यात्रा लगभग 400 किलोमीटर लंबी थी।
अशोक गहलोत ने कहा कि इस दिन को मनाने का महत्व यह है कि स्थिति इस कदर बिगड़ गई है कि लोकतंत्र खतरे में है। देश में अघोषित आपातकाल जैसा माहौल बन गया है।