Gehlot-Pilot Relations: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत और सचिन पायलट की मुलाकात एक बार फिर सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गई। नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में दोनों नेताओं ने न सिर्फ हाथ मिलाया, बल्कि कैमरों के सामने सहज अंदाज में बातचीत भी की।
जयपुर। दिल्ली में स्थित कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में बुधवार को उस समय हल्का-फुल्का लेकिन चर्चित सियासी पल देखने को मिला, जब पार्टी के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत और सचिन पायलट आमने-सामने आए। दोनों नेता कांग्रेस की ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे थे। मुलाकात के दौरान दोनों ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया और कैमरों के सामने सहज अंदाज में बातचीत करते नजर आए।
गहलोत की गाड़ी जैसे ही इंदिरा भवन परिसर में रुकी, सचिन पायलट उनसे मिलने आगे बढ़े। इसी दौरान दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और मुस्कुराते हुए बातचीत शुरू की। मौके पर मौजूद पत्रकारों को संबोधित करते हुए अशोक गहलोत ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, 'फोटो ले लो… फिर कहोगे बनती नहीं है।' उनके इस बयान पर वहां मौजूद लोगों के बीच हंसी का माहौल बन गया और सचिन पायलट भी मुस्कुरा दिए।
इसके बाद बातचीत का सिलसिला कुछ देर तक जारी रहा। सचिन पायलट ने भी पत्रकारों से मजाकिया अंदाज में पूछा कि उनके पीछे और कौन-कौन आ रहा था। इस पर गहलोत ने भी मुस्कुराते हुए प्रतिक्रिया दी। इस पूरे घटनाक्रम ने माहौल को हल्का बना दिया और दोनों नेताओं की बॉडी लैंग्वेज भी सहज दिखाई दी।
दरअसल, राजस्थान कांग्रेस की राजनीति में लंबे समय से अशोक गहलोत और सचिन पायलट के संबंधों को लेकर चर्चा होती रही है। ऐसे में दोनों नेताओं की यह मुलाकात एक बार फिर राजनीतिक हलकों में सुर्खियां बटोर रही है। खासतौर पर तब, जब दोनों एक ही मंच पर साथ दिखाई दिए और सार्वजनिक रूप से सकारात्मक अंदाज में नजर आए।
गहलोत और पायलट की यह मुलाकात भले ही संक्षिप्त रही हो, लेकिन इसके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं और इसे लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।
इस बैठक में कांग्रेस के कई प्रमुख नेता भी शामिल हुए। इनमें नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, ओबीसी कांग्रेस के राष्ट्रीय चेयरपर्सन अनिल जयहिंद, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और बीके हरिप्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल की इस बैठक को संगठनात्मक रूप से अहम माना जा रहा है।