जयपुर

Ashok Gehlot : ‘सुप्रीम कोर्ट का कदम स्वागत योग्य’, अशोक गहलोत बोले- अरावली पर कमेटी से है बड़ी उम्मीद

Ashok Gehlot : सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पर्वतमाला की परिभाषा तय करने के लिए एक 5 सदस्यीय हाई-पावर कमेटी का गठन किया है। इस पर कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने कहा- यह एक स्वागतयोग्य कदम है।
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Updated: 4 Jun 2026, 1:02 PM IST
Ashok Gehlot said Supreme Court welcome great hope 5 member high-power committee Aravalli
कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत। फाइल फोटो पत्रिका

Ashok Gehlot : अरावली पर्वतमाला की परिभाषा तय करने और इससे जुड़े अहम मुद्दों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 5 सदस्यीय हाई-पावर कमेटी का गठन किया है। सुप्रीम कोर्ट के इस कदम पर कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने खुशी जताई। साथ ही कहा कि अरावली की परिभाषा और संरक्षण के महत्वपूर्ण मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा 5 सदस्यीय हाई-पावर कमेटी का गठन एक स्वागत योग्य कदम है। हमें उम्मीद है कि यह कमेटी अरावली के इकोसिस्टम को सुरक्षित रखने वाली एक वैज्ञानिक परिभाषा तैयार करेगी।

अशोक गहलोत ने आज सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिख कि आज राजस्थान और देश जिस तरह भीषण गर्मी और मौसम की विकट परिस्थितियों से जूझ रहा है, उसे देखते हुए अरावली को सुरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित करना बेहद जरूरी है। एक या दो दशक पहले के मापदंड आज की बदलती और गंभीर जलवायु परिस्थितियों (Climate Change) के अनुकूल नहीं हो सकते। कमेटी को वर्तमान पर्यावरण संकट को ध्यान में रखकर ही निर्णय लेना चाहिए।

अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर किया हमला

केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए अशोक गहलोत ने लिखा कि केंद्र की नीतियों ने अरावली के अस्तित्व के सामने गहरा संकट खड़ा कर दिया था, जिसके बाद 'अरावली बचाओ' मुहिम को बल मिला। पूर्ण विश्वास है कि कमेटी के प्रयासों से हमारी लघु पहाड़ियों का संरक्षण होगा और अरावली का यह प्राकृतिक सुरक्षा कवच मजबूत बना रहेगा।

अपने बहुमूल्य सुझाव अवश्य दर्ज कराएं, गहलोत का निवेदन

अशोक गहलोत ने कहा कि मेरा सभी पर्यावरणविदों, स्थानीय समुदायों और सजग नागरिकों से विनम्र निवेदन है कि जब भी कमेटी सुझाव आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू करे, अपने बहुमूल्य सुझाव अवश्य दर्ज कराएं।

Rajasthan Aravalli : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम

अरावली पर्वतमाला की परिभाषा तय करने और इससे जुड़े अहम मुद्दों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 5 सदस्यीय हाई-पावर कमेटी का गठन किया है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने इस मामले की 25 मई को सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। यह कमेटी 31 अगस्त से पहले अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में सौंपेगी। उसके बाद 7 सितंबर को इस मामले की सुनवाई होगी। यह कदम अरावली क्षेत्र में पहाड़ों की कटाई, अनियंत्रित खनन और पारिस्थितिकीय नुकसान को रोकने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

Updated on:
4 Jun 2026, 1:02 PM IST
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