जयपुर

आशुतोष रांका ने राजस्थान सरकार को दिया अल्टीमेटम, बोले- ‘हुलिया बदलिए नहीं हम आपका इस्तीफा लेंगे’

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका मंगलवार शाम को राजस्थान यूनिवर्सिटी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता शुभम रेवाड़ को अपना समर्थन दिया। इसके साथ ही राजस्थान सरकार को 3 महीने का अल्टीमेटम दिया।
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Jul 28, 2026
ashutosh Ranka
मीडिया से बात करते सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका (फोटो-IANS)

जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने और राजस्थानी भाषा का नियमित विभाग खोलने की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलन को अब राष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिलने लगा है। छह दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता शुभम रेवाड़ से मिलने मंगलवार को सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका विश्वविद्यालय पहुंचे। उन्होंने आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को तीन महीने के भीतर मांगों पर ठोस निर्णय लेने का अल्टीमेटम दिया।

विश्वविद्यालय परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए आशुतोष रांका ने कहा कि छात्रों और शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को अब केवल आश्वासनों से नहीं टाला जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को तीन महीने का समय दिया जा रहा है। यदि इस अवधि में राजस्थान विश्वविद्यालय की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो इस्तीफे की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

बोले- 'हम किसी से डरने वाले नहीं'

रांका ने कहा कि उनकी प्राथमिकता शिक्षा से जुड़े मूलभूत मुद्दे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र हितों की आवाज उठाने वालों को दबाने का प्रयास किया जाता है, लेकिन इससे उनका संगठन पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने कहा, "हम किसी से डरने वाले नहीं हैं। हमारा उद्देश्य शिक्षा और छात्रों के अधिकारों के सवाल उठाना है और हम इन्हें मजबूती से उठाते रहेंगे।"

रांका ने सरकार को वादे की दिलाई याद

उन्होंने हाल ही में सरकार के साथ हुए समझौते का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को अपने वादों का सम्मान करना चाहिए। रांका ने विभिन्न राज्यों में छात्र कार्यकर्ताओं पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यदि सरकार अपने आश्वासन से पीछे हटती है तो फिर आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।

6 दिन से आमरण अनशन जारी

वहीं, भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने कहा कि उनका आमरण अनशन लगातार छठे दिन भी जारी है और जब तक सरकार लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मौखिक भरोसे का दौर खत्म हो चुका है और अब ठोस निर्णय की जरूरत है।

राजस्थानी भाषा का मुद्दा

रेवाड़ ने आरोप लगाया कि राजस्थान विश्वविद्यालय में राजस्थानी भाषा का नियमित विभाग नहीं है। वहीं अन्य भाषाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रदेश की अपनी भाषा को उचित स्थान मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2022 के बाद से छात्रसंघ चुनाव नहीं होने के कारण छात्र नेतृत्व के लिए लोकतांत्रिक मंच समाप्त हो गया है, जिससे युवाओं की राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी प्रभावित हो रही है।

छात्रसंघ चुनाव पर बोले शुभम

छात्र नेता ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने का मंच भी हैं। उनका दावा है कि यदि छात्र राजनीति मजबूत होगी तो शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों, जैसे पेपर लीक और विद्यार्थियों की समस्याओं पर भी प्रभावी तरीके से आवाज उठाई जा सकेगी।

फिलहाल विश्वविद्यालय परिसर में आंदोलन जारी है। छात्र संगठन सरकार से छात्रसंघ चुनाव की बहाली और राजस्थानी भाषा के नियमित विभाग की स्थापना सहित अपनी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर प्रशासन की ओर से अभी तक इन मांगों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Updated on:
28 Jul 2026 09:07 pm
Published on:
28 Jul 2026 08:55 pm