Ram Mandir: भगवान रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को है। इस समारोह की तैयारी अब अंतिम चरण में है। मंदिर निर्माण में वैसे तो देश के हर हिस्से से कुछ ना कुछ गया है, लेकिन धोरों की धरती राजस्थान का मंदिर निर्माण में विशेष योगदान है। यहां के मंदिरों की रज से लेकर राम मंदिर में लगे पत्थर राजस्थान से गए हैं।

Ram Mandir: भगवान रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को है। इस समारोह की तैयारी अब अंतिम चरण में है। मंदिर निर्माण में वैसे तो देश के हर हिस्से से कुछ ना कुछ गया है, लेकिन धोरों की धरती राजस्थान का मंदिर निर्माण में विशेष योगदान है। यहां के मंदिरों की रज से लेकर राम मंदिर में लगे पत्थर राजस्थान से गए हैं। यही नहीं यहां के कारीगरों द्वारा तैयार कई दुर्लभ कृतियां भी मंदिर पर चार-चांद लगा रही है। मंदिर निर्माण के लिए निधि समर्पण अभियान चलाया गया था। इस अभियान के जरिए पूरे देशभर से राम मंदिर निर्माण के लिए धनराशि एकत्रित की गई। सुखद यह रहा कि अभियान में राजस्थान ने सर्वाधिक सहयोग दिया। यहां दानदाताओं ने अपनी तिजाेरियां खोल दी। यही वजह रही कि इस अभियान में अकेले राजस्थान से 557 करोड़ रुपए की राशि राम मंदिर निर्माण के लिए भेजी गई।
राजस्थान में भी पूरे देश में सबसे ज्यादा सहयोग राशि जोधपुर के लोगों ने दी है। जोधपुर से 221 करोड़ रुपए की राशि राम मंदिर निर्माण के लिए दी गई है। आबादी के हिसाब से सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश से करीब 200 करोड़ से अधिक की भेजी गई। सबसे पहले 1 करोड़ रुपए की राशि भी जोधपुर से दी गई थी। इसमें समाजसेवी निर्मल गहलोत ने अभियान शुरू होने पर 1 करोड़ रुपए का चैक दिया था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की योजना व विश्व हिन्दू परिषद् के नेतृत्व में भव्य राम मंदिर निर्माण कार्य के लिए देशभर में निधि समर्पण अभियान चलाया गया था। अभियान 21 फरवरी 2021 तक चला।
5 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा राशि मिली थी
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के लिए राम भक्तों ने दिल खोल पैसा दिया। मंदिर निर्माण के लिए 15 जनवरी से 27 फरवरी 2021 तक समर्पण निधि अभियान चलाया गया। इस अभियान पूरे देश में 9,00,000 कार्यकर्ताओं ने 175 हजार टोलियां बनाकर घर-घर जाकर 10 करोड़ परिवारों से संपर्क किया था। मंदिर निर्माण के लिए 5000 करोड़ से ज्यादा की राशि राम भक्तों ने दी थी।इसके अलावा चार क्विंटल से ज्यादा चांदी व कुछ लोगों ने सोना भी भेजा है।
जयपुर से गए हैं 2100 पीपे सरसों का तेल
अयोध्या में होने वाले श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में जयपुर की भी अहम भागीदारी रहने वाली है। जयपुर में तैयार किए गए सरसों के तेल से अयोध्या की सीता रसोई में पकवान तैयार होंगे। प्रसाद और भोजन ने 2100 पीपे तेल जयपुर से अयोध्या भेजे गए हैं। तेल की स्पेशल पैकिंग का कार्य किया गया। हर पैकिंग पर श्रीराम जन्म स्तुति लिखी गई है और उसकी विशेष सजावट भी की गई है। शोभायात्रा के रूप में इन पीपों को रवाना किया गया।