
जयपुर। शिक्षा में गुणवत्ता सुधार के लिए विद्यार्थियों का बेसलाईन सर्वे होगा। उसके आकलन के बाद ही पता चल सकेगा की विद्यार्थी की कक्षा का स्तर क्या है। कक्षा का स्तर पता चलने के बाद ही उसे आगामी कक्षा की तैयारी कराई जाएगी। इसके लिए कक्षा 2 से 5 तक के विद्यार्थियों के अलग—अलग समूह बनाए जाएंगे। जिसमें विद्यार्थियों की कैटेगिरी तय की जाएगी।
निदेशक माध्यमिक शिक्षा नथमल डिडेल ने इस संबंध में प्रदेश के सभी संस्था प्रधानों को निर्देश दिए हैं कि इस कार्य को पूर्ण गंभीरता से करें, ऐसा नहीं करे पर संस्था प्रधान और संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इनका होगा बेसलाइन सर्वे
बेसलाइन सर्वे कक्षा 2 से 5 तक में अध्ययनरत विद्यार्थी का होगा। इसमें हिंदी, गणित और अंग्रेजी विषयों का चयन किया जाएगा। सर्वे के आधार पर ही विद्यार्थियों के अलग—अलग ग्रुप बनाए जाएंगे।
मौखिक व लिखित होगा आकलन
विद्यार्थियों का आकलन मौखिक व लिखित आधार पर किया जाएगा। मौखिक आकलन के बाद विद्यार्थी के कक्षा स्तर का पता चल सकेगा। उसके बाद विद्यार्थी का लिखित टूल के आधार पर स्तर तय किया जाएगा।
बेसलाइन उपकरण से होगा आकलन
बेसलाइन उपकरण से विद्यार्थियों का स्तर जांचा जाएगा। अंग्रेजी में चित्र का सही शब्द से मिलान करना होगा, गणित में विभिन्न प्रकार की आकृतियों को चित्र के माध्यम से बताना होगा। हिंदी में शब्द और वाक्य पढ़कर मिलान करना होगा।
गुणवत्ता सुधार का प्रयास
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता के सुधार के लिए इस तरह का प्रयास किया जा रहा है। विभाग का मानना है कि इस तरह के प्रयास से विद्यार्थियों का बेस मजबूत होगा, जो उन्हें आगे तक काम आएगा।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक नथमल डिडेल ने स्टेट इनिशिएटिव फॉर क्वालिटी एजुकेशन कार्यक्रम के तहत सभी संस्था प्रधानों को निर्देश दिए हैं कि कक्षा 2 से 5 तक के विद्यार्थियों का बेस लाइन सर्वे कराया जाएगा। विद्यार्थी के बेसलाइन आकलन के बाद हैडटीचर द्वारा उस पर टिप्पणी की जाएगी, जिससे उसके सीखने के स्तर का पता चलेगा।