JDA News: अभियान के दौरान जेडीए की प्रवर्तन शाखा, पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर मौजूद रही।
JDA Action In Jaipur: राजधानी जयपुर में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने सख्त कार्रवाई करते हुए ‘जीरो टॉलरेंस अभियान’ चलाया। इस अभियान के तहत जेडीए की टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए करीब 30 करोड़ रुपए कीमत की लगभग 15 बीघा सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान कई अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया और अवैध कॉलोनी बसाने की कोशिश भी विफल कर दी गई। जेडीए अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई शहर में बढ़ते अवैध निर्माणों पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई। अभियान के दौरान जेडीए की प्रवर्तन शाखा, पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर मौजूद रही।
कार्रवाई के तहत जेडीए की टीम ने देव विहार योजना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 15 बीघा सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। यहां कुछ लोगों द्वारा सरकारी जमीन पर कब्जा कर अवैध निर्माण की कोशिश की जा रही थी। जेडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी की मदद से निर्माण को हटाया और जमीन को वापस सरकारी कब्जे में लिया।
इसके अलावा जेडीए ने त्रिवेणी नगर क्षेत्र में भी कार्रवाई करते हुए एक अवैध निर्माण के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की। अधिकारियों ने बताया कि यह निर्माण नियमों के विपरीत किया जा रहा था। कई बार नोटिस देने के बाद भी निर्माण नहीं रोका गया, जिसके बाद जेडीए को सख्त कदम उठाना पड़ा।
अभियान के दौरान जेडीए की टीम ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी कार्रवाई की। ग्राम मुंडोता में करीब 6 बीघा और माचवा क्षेत्र में करीब 1.5 बीघा जमीन से अतिक्रमण हटाया गया। यहां अवैध रूप से कॉलोनी बसाने की कोशिश की जा रही थी। जेडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्लॉटिंग के लिए बनाई गई सीमाएं और निर्माण सामग्री हटवा दी। जेडीए अधिकारियों का कहना है कि शहर में अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और जहां भी अवैध कब्जे की सूचना मिल रही है, वहां तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति सरकारी जमीन पर कब्जा करने या अवैध निर्माण करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जेडीए का ‘जीरो टॉलरेंस अभियान’ आगे भी जारी रहेगा, ताकि शहर में नियोजित विकास सुनिश्चित किया जा सके और सरकारी जमीन को अतिक्रमण से बचाया जा सके।