प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 21 अप्रैल के प्रस्तावित बालोतरा दौरे से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पचपदरा रिफाइनरी को लेकर बड़ा दांव खेला है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 21 अप्रैल को होने वाले ऐतिहासिक बालोतरा दौरे से ठीक पहले राजस्थान की भजनलाल सरकार ने प्रदेश के औद्योगिक विकास को लेकर एक बड़ा 'धमाका' किया है। मुख्यमंत्री निवास पर रविवार को एक गरिमामयी समारोह में राजस्थान सरकार, एचपीसीएल (HPCL) और निजी निवेशकों के मध्य एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता पचपदरा रिफाइनरी के पास बनने वाले 'राजस्थान पेट्रो जोन' की किस्मत बदल देगा, जिससे स्थानीय इकाइयों को डाउनस्ट्रीम पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति हो सकेगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए संकल्पित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पचपदरा रिफाइनरी और इसके आसपास विकसित होने वाला औद्योगिक हब न केवल पश्चिमी राजस्थान, बल्कि पूरे प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए 'पावरहाउस' का काम करेगा।
सीएम ने कहा, "यह केवल एक समझौता नहीं, बल्कि राजस्थान की विकास यात्रा में युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए द्वार खोलने की चाबी है।"
आमतौर पर रिफाइनरी से निकलने वाले बाय-प्रोडक्ट्स (Downstream Products) को दूर-दराज की फैक्ट्रियों तक भेजने में काफी खर्च और समय लगता है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री के 21 अप्रैल के दौरे से पहले इस MoU को फाइनल करना एक सोची-समझी रणनीति है।
इस महत्वपूर्ण बैठक और MoU के दौरान प्रदेश सरकार की पूरी आर्थिक टीम मौजूद रही:
राजस्थान सरकार का लक्ष्य 'राजस्थान पेट्रो जोन' के माध्यम से लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा करना है। इस MoU के तहत निवेश करने वाले उद्यमियों को विशेष रियायतें और सुविधाएँ देने का भी प्रावधान है, ताकि पचपदरा को जामनगर की तर्ज पर एक वैश्विक पेट्रोकेमिकल हब बनाया जा सके।