
PM Modi and Ex CM Ashok Gehlot- File PIC
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद देश और खासकर राजस्थान का सियासी तापमान चरम पर पहुँच गया है। शनिवार रात पीएम द्वारा विपक्ष को महिला विरोधी बताने और देश की महिलाओं से माफी मांगने के बाद राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मोर्चा संभाल लिया है। जयपुर में मीडिया से मुखातिब होते हुए गहलोत ने प्रधानमंत्री के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें 'इलेक्शन मोड' में आने की खुली चुनौती दे डाली।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा था कि देश की महिलाएं विपक्षी दलों को कड़ा सबक सिखाएंगी। इस पर पलटवार करते हुए अशोक गहलोत ने कहा, "प्रधानमंत्री जी कह रहे हैं कि महिलाएं हमें सबक सिखाएंगी। अगर उन्हें अपने इस दावे पर इतना ही यकीन है, तो मैं उन्हें चुनौती देता हूँ कि वे इसी वक्त लोकसभा भंग कर दें और देश में नए सिरे से चुनाव करवाएं। जनता और देश की नारी शक्ति तय कर लेगी कि वह किसके साथ है।"
अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन कर ओबीसी महिलाओं के अधिकारों को छीनना चाहती थी।
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चल रहे विधानसभा चुनावों के बीच प्रधानमंत्री के इस संबोधन को गहलोत ने सीधे तौर पर चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct) का उल्लंघन बताया। गहलोत ने कहा, "देश के दो राज्यों में चुनाव चल रहे हैं, ऐसे समय में राष्ट्र के नाम संबोधन राजनीति से प्रेरित है। लेकिन हमें पता है कि चुनाव आयोग कोई कार्रवाई नहीं करेगा, क्योंकि वह अब भाजपा का एक 'चुनाव विभाग' बनकर रह गया है।"
गौरतलब है कि शनिवार रात 8:30 बजे प्रधानमंत्री ने 25 मिनट के संबोधन में देश की महिलाओं से माफी मांगी कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' संसद में पारित नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि यह बिल किसी के अधिकार छीनने के लिए नहीं, बल्कि महिलाओं के लंबित हक को सुनिश्चित करने के लिए था, जिसका लाभ 2029 के चुनावों में मिलना तय था। इससे पहले पीएम कृषि कानूनों की वापसी पर भी देश से माफी मांग चुके हैं।
राजस्थान की राजनीति में महिला वोट बैंक हमेशा से गेम-चेंजर रहा है। गहलोत का यह आक्रामक रुख बताता है कि कांग्रेस अब इस मुद्दे को 'ओबीसी बनाम अन्य' और 'प्रशासनिक विफलता' के रूप में जनता के बीच ले जाएगी। वहीं, भाजपा इसे 'विपक्ष के अड़ंगे' के रूप में प्रचारित कर रही है।
Updated on:
19 Apr 2026, 9:57 AM IST
Published on:
19 Apr 2026, 9:44 AM IST
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