जयपुर

Rajasthan Board : दिव्यांग छात्र भागीरथ सिंह ने रचा इतिहास, 12वीं साइंस में 500 में से 500 अंक लाकर चौंकाया, शिक्षा मंत्री ने भी की ‘सरप्राइज़’ घोषणा 

राजस्थान के बीकानेर जिले के एक छोटे से गाँव पुन्दलसर से निकलकर एक छात्र ने पूरे प्रदेश के शिक्षा जगत को अचंभित कर दिया है। इसे किस्मत की लकीरें कहें या मेहनत का जुनून, लेकिन भागीरथ सिंह ने यह साबित कर दिया है कि यदि हौसले बुलंद हों तो शारीरिक अक्षमता कभी सफलता के आड़े नहीं आती।
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Apr 05, 2026
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राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 12वीं विज्ञान संकाय (दिव्यांग श्रेणी) के परिणामों में बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ तहसील के पुन्दलसर निवासी भागीरथ सिंह ने वो कारनामा कर दिखाया है, जिसने प्रदेश के शैक्षिक क्षेत्र में इतिहास रच दिया है। भारती निकेतन स्कूल के छात्र भागीरथ ने 500 में से 500 (100%) अंक हासिल किए हैं। सबसे प्रेरणादायक बात यह है कि भागीरथ के दोनों हाथ मुड़े हुए हैं, लेकिन उन्होंने अपनी लेखनी और मस्तिष्क की धार से असंभव को संभव कर दिखाया।

मुड़े हुए हाथ... 100% अंक... अदम्य साहस की मिसाल

भागीरथ सिंह (पुत्र श्री रामनारायण सिंह) की यह उपलब्धि साधारण नहीं है। दिव्यांग बच्चों को परीक्षा में 60 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाता है, लेकिन जिस सटीकता के साथ भागीरथ ने विज्ञान जैसे कठिन विषय में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त किए, उसने बोर्ड के विशेषज्ञों को भी प्रभावित किया है। श्रीडूंगरगढ़ के इस लाल ने साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती।

भागीरथ का परीक्षा परिणाम 

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने जयपुर बुलाकर किया सम्मान

इस ऐतिहासिक सफलता की गूँज जब राजधानी जयपुर पहुँची, तो प्रदेश के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने स्वयं भागीरथ को अपने राजकीय आवास पर आमंत्रित किया।

  • बधाई और अभिनंदन: मंत्री दिलावर ने भागीरथ का स्वागत करते हुए उनके आत्मविश्वास और कठिन परिश्रम की सराहना की।
  • बड़ी घोषणा: शिक्षा मंत्री ने घोषणा की कि 12वीं के बाद भागीरथ की आगे की शिक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी।
  • मंत्री का संदेश: मदन दिलावर ने कहा, "दिव्यांगता को अपनी कमजोरी न समझें, हिम्मत दिखाएं, आप दुनिया में सब कुछ कर सकते हैं। भागीरथ का अदम्य साहस पूरे राजस्थान के लिए गौरव है।"
मंत्री दिलावर की लिखित 'घोषणा'

श्रीडूंगरगढ़ में जश्न: पुन्दलसर गाँव बना 'सेलिब्रिटी' हब

जैसे ही भागीरथ के 500 में से 500 अंक आने की खबर गाँव पहुँची, पूरे श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में दिवाली जैसा माहौल हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि भागीरथ ने केवल अपना नहीं, बल्कि पूरे बीकानेर संभाग का मान बढ़ाया है।

राजस्थान के इतिहास में दूसरी बार हुआ ऐसा चमत्कार

बोर्ड सूत्रों के अनुसार, राजस्थान के शिक्षा इतिहास में यह केवल दूसरी बार हुआ है जब किसी छात्र ने विज्ञान संकाय में 100% अंक अर्जित किए हों, वह भी विशेष योग्यजन श्रेणी में। भागीरथ की उत्तर पुस्तिकाओं को आदर्श (Model Answer Sheet) के रूप में देखा जा रहा है, जिससे अन्य छात्र भी सीख ले सकें।

भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा

भागीरथ की कहानी केवल अंकों के बारे में नहीं है, बल्कि उस संघर्ष के बारे में है जो उन्होंने हर दिन अपने मुड़े हुए हाथों के साथ किया। उनकी यह जीत उन सभी विद्यार्थियों के लिए करारा जवाब है जो छोटी-छोटी बाधाओं से घबराकर पढ़ाई छोड़ देते हैं या तनाव में आ जाते हैं।

Updated on:
05 Apr 2026 05:25 pm
Published on:
05 Apr 2026 05:24 pm