
राजस्थान के पंचायती राज चुनावों के दौरान भीलवाड़ा जिले की शाहपुरा पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली फुलियाखुर्द ग्राम पंचायत का मुकाबला सबसे ज़्यादा चर्चा का केंद्र बन गया। देश के जाने-माने फिटनेस यूट्यूबर और करोड़ों फॉलोअर्स वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पवन साहू की पत्नी कोमल साहू इस सीट से सरपंच पद के मैदान में उतरी थीं, जिन्हें चुनाव में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा और वे तीसरे स्थान पर रहीं। इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले में जीत दर्ज करने वाले नए सरपंच भगवती लाल सोनी ने 'पत्रिका' के साथ एक एक्सक्लूसिव बातचीत में अपनी जीत की पूरी रणनीति, पवन साहू के साथ संबंधों और चुनाव से जुड़े तमाम विवादों पर खुलकर बात की है।
नव निर्वाचित सरपंच भगवती लाल सोनी के साथ हुई उस विशेष बातचीत के मुख्य अंश:
भगवती लाल सोनी: हाँ, मुझे अपनी जीत पर पूरा भरोसा था। यह जीत ग्रामीणों के असीम प्रेम, उनके साथ लंबे समय से बनाए गए मेरे व्यक्तिगत व्यवहार और ईश्वर की कृपा की वजह से संभव हो पाई है। वर्चुअल दुनिया के आंकड़े अपनी जगह हैं, लेकिन धरातल पर जनता का विश्वास ही सबसे बड़ा आधार होता है।
भगवती लाल सोनी: मेरी सबसे बड़ी ताकत यह रही कि मैं गांव में ही स्थायी रूप से निवास करता हूँ। मैं हवा-हवाई नेता नहीं हूँ, बल्कि पिछले कई सालों से लगातार लोगों से व्यक्तिगत मेल-मुलाकातें जारी रखी हैं। मैं अपने गांव की हर एक समस्या और यहां के हर परिवार की परेशानी को अच्छी तरह जानता और समझता हूँ। सुख-दुख में हमेशा साथ रहने के कारण जनता का अटूट विश्वास मेरे साथ था।
भगवती लाल सोनी: बिल्कुल, पवन साहू तो मेरे पड़ोसी हैं। उनके और उनके पूरे परिवार के साथ हमारे बहुत अच्छे संबंध रहे हैं। मैंने पवन को बचपन से इस गांव में पला-बढ़ा और खेलते हुए देखा है। हमारे बीच पहले से पारिवारिक और अच्छे संबंध रहे हैं।
भगवती लाल सोनी: हाँ, चुनाव से काफी पहले हमारी मुलाकात हुई थी, जब उस पंचायत में सीट के आरक्षण की लॉटरी भी नहीं खुली थी। तब गांव में स्थित पवन के फार्म हाउस पर चुनाव के संबंध में हमारी सामान्य बातचीत हुई थी। उस दौरान मैंने पवन के सामने अपनी सरपंच चुनाव लड़ने की इच्छा भी जाहिर की थी। उस वक्त तक पवन या उनके परिवार का ऐसा कोई मानस नहीं था कि उनकी पत्नी चुनाव मैदान में उतरेंगी। लेकिन जैसे ही पंचायत सीट 'ओबीसी' (OBC) के लिए आरक्षित घोषित हुई, तब अचानक पवन और कोमल के चुनाव मैदान में उतरने की बात सामने आई। इसके बाद पवन ने चुनाव से महज 5 दिन पहले ही अपनी चुनावी तैयारियां और प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया था।
भगवती लाल सोनी: सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार थे। मतदान की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई थी। जिस महिला मतदाता को लेकर फर्जी वोटिंग का वीडियो बनाया गया था, वह दरअसल उसके आईडी कार्ड में जाति का उल्लेख नहीं होने के कारण उपजी एक छोटी सी गफलत का मामला था, जिसे बेवजह तूल दिया गया। प्रशासन ने पूरी पारदर्शिता से चुनाव कराया है।
भगवती लाल सोनी: हमारे गांव में बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई तरह की गंभीर समस्याएं हैं, जिन्हें दूर करना ही मेरा मुख्य चुनावी मुद्दा था। सरपंच बनने के बाद मेरी सबसे पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता ग्रामीणों को पर्याप्त, स्वच्छ और समय पर पेयजल पहुँचाना है। गांव में पानी की टंकियां तो बनी हुई हैं, लेकिन या तो वे खराब अवस्था में पड़ी हैं या फिर कई घरों में पाइपलाइन के कनेक्शन ही नहीं हैं।
इन सभी को जल्द से जल्द दुरुस्त करवाना मेरा पहला काम होगा। इसके अलावा, रास्तों में बिजली के खंभों पर लाइटें नहीं होने के कारण रात के समय अंधेरे से मुक्ति दिलाना और श्मशान घाट के रास्तों की दयनीय स्थिति को सुधारना प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है।
भगवती लाल सोनी: हाँ, यह सही है कि उन्होंने चुनाव से ठीक पहले बोरिंग का काम करवाना शुरू किया था। अगर कोई व्यक्ति या परिवार गांव की भलाई के लिए अपनी तरफ से काम करवा रहा है, तो गांव की जनता के लिए तो यह अच्छी ही बात है। जनहित के कामों का हम कभी विरोध नहीं करते।
भगवती लाल सोनी: मेरे लिए सभी प्रतिद्वंदी केवल चुनाव की प्रक्रिया तक ही प्रतिद्वंदी थे। अब चुनाव खत्म हो चुका है, इसलिए चाहे वह पवन साहू हों या अन्य कोई प्रत्याशी, मेरे मन में किसी के खिलाफ कोई भी गीला-शिकवा नहीं है। मैंने चुनाव जीतने के साथ ही यह स्पष्ट कर दिया था कि मेरा एकमात्र और अंतिम लक्ष्य सिर्फ और सिर्फ 'गांव का समग्र विकास' है। हमें किसी से बैर नहीं रखना है, बल्कि सभी को साथ लेकर चलना है ताकि फुलियाखुर्द पंचायत को एक आदर्श पंचायत बनाया जा सके।