राजस्थान सरकार का पानी के बाद अब राज्य को बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने पर फोकस हो गया है। प्रदेश में 31825 मेगावाट क्षमता के बिजली उत्पादन और खरीद के लिए 1.60 लाख करोड़ के समझौते होंगे।
राजस्थान सरकार का पानी के बाद अब राज्य को बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने पर फोकस हो गया है। प्रदेश में 31825 मेगावाट क्षमता के बिजली उत्पादन और खरीद के लिए 1.60 लाख करोड़ के समझौते होंगे। इसमें थर्मल, सोलर और विंड तीनों तरह की बिजली होगी। प्रदेश के तीनों डिस्कॉम और छह केन्द्रीय उपक्रमों के बीच 5 एमओयू और एक पावर परचेज एग्रीमेंट पर रविवार को हस्ताक्षर किए जाएंगे। खास यह भी है कि राजस्थान सरकार को विभिन्न योजनाओं के लिए 20 हजार करोड़ रुपए का लोन मिलने की राह भी खुल गई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय में होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह वर्चुअल जुड़ेंगे। जबकि, अन्य मंत्री व अधिकारी सीएमओ में मौजूद होंगे। दावा किया जा रहा है कि इससे आगामी वर्षों में सस्ती बिजली मिल सकेगी। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर होगा। प्रदेश में डिस्कॉम्स और अन्य उत्पादन कंपनियों के बीच अभी तक 21 हजार करोड़ से ज्यादा बिजली खरीद के एमओयू हैं। वहीं, राज्य विद्युत उत्पादन निगम की 7580 मेगावाट क्षमता की 23 यूनिट संचालित हो रही है।
इन पर होगा समझौता
- 3325 मेगावाट क्षमता के थर्मल आधारित परियोजना है। इसमें राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आरवीयूएन) के साथ कोल इंडिया लिमिटेड, राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) तथा एनएलसी इंडिया के बीच एमओयू होगा।
- 28500 मेगावाट क्षमता के अक्षय ऊर्जा के लिए राज्य विद्युत उत्पादन निगम और एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के बीच एमओयू। प्रदेश में प्लांट लगेंगे। इस पर 1 लाख 50 हजार करोड़ रुपए का निवेश होगा।
- 10 हजार करोड़ रुपए का निवेश समझौता राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम और पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन के बीच होगा। इससे राज्य में विद्युत प्रसारण तंत्र को सुदृढ़ किया जाएगा।
- 600 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना के माध्यम से बिजली आपूर्ति के लिए राजस्थान ऊर्जा विकास निगम एवं एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी के बीच पावर परचेज एग्रीमेंट होगा।
ये कंपनियों करेगी निवेश
- एनटीपीसी 1 लाख 16 हजार करोड़ रुपए
- कोल इंडिया 26 हजार 700 करोड़ रुपए
- एनएलसी 5 हजार 50 करोड़ रुपए
- पावर ग्रिड 10 हजार करोड़ रुपए
- एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी 2250 करोड़ रुपए
20 हजार करोड़ का मिलेगा लोन
रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन (आरईसी) और राजस्थान के बीच भी एमओयू होगा। इसके तहत आरईसी राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, उपक्रमों, संस्थाओं और योजनाओं के लिए 20 हजार करोड़ रुपए का लोन हर वर्ष उपलब्ध कराएगा। इसका उपयोग बिजली, पानी, सिंचाई, मेट्रो, परिवहन एवं कृषि से सम्बंधित परियोजनाओं में किया जाएगा।