Rajasthan News : राजस्थान के शहरों में घर-घर पाइपलाइन से रसोई गैस पहुंचाने के लिए गैस डिस्ट्रीब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सरकार अब जमीन का आवंटन करेगी। राजस्थान के इन शहरों में तेजी से काम चल रहा है।
Rajasthan News : राजस्थान के शहरों में घर-घर पाइपलाइन से रसोई गैस पहुंचाने के लिए गैस डिस्ट्रीब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सरकार अब जमीन का आवंटन करेगी। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए भूमि आवंटन नीति में बदलाव किया गया है। सिटी गैस स्टेशन, सीएनजी स्टेशन, डी-कप्रेशन यूनिट के लिए विकास प्राधिकरण व नगरीय निकाय जमीन का आवंटन कर सकेंगे। सरकार ने इसे वृहद जनहित मानते हुए नीति में नए प्रावधान जोड़े हैं। डी-कप्रेशन यूनिट के लिए न्यूनतम 300 वर्गमीटर जमीन वार्षिक किराए पर भी उपलब्ध कराई जा सकेगी। इसमें भूमिगत पाइपलाइन नेटवर्क भी शामिल है।
राजस्थान में जयपुर, कोटा, अलवर, जोधपुर, उदयपुर, बूंदी, अजमेर और पाली में घरेलू गैस की पाइपलाइन बिछाई जा रही हैं। इस दौरान 2 हजार किलोमीटर लंबी गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए संबंधित सीजीडी संस्थाएं काम कर रही हैं।
रीको के नए बनने वाले पार्कों में सीएनजी, पीएनजी और एलएनजी के लिए भूमि और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर प्लान चल रहा है। प्रदेश में सीजीडी का कार्य अलग-अलग क्षेत्रों में 13 संस्थाएं कर रही हैं। अब तक पाइपलाइन से करीब 3.11 लाख घरेलू गैस कनेक्शन और 465 औद्योगिक कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं।
1- पीएनजी इस्तेमाल करने में आसान।
2- 24 घंटे गैस सप्लाई।
3- पोस्टपेड बिलिंग, यानी एडवांस नहीं देना होता है। बिलिंग 2 महीने में एक बार की जाती है।
4- पीएनजी गैस इकोफ्रेंडली है।