जयपुर

Medicine Scam: सूखे कुएं में छिपा था 5 करोड़ की दवाइयों का जखीरा, 274 कार्टून बरामद, आगरा तक जुड़े तार

Illegal Medicine Supply: कुएं से निकली करोड़ों की दवाइयां, कहीं एक्सपायरी डेट बदलकर बाजार में खपाने की थी तैयारी? भरतपुर में दवाइयों का बड़ा खेल उजागर, हार्ट-डायबिटीज की दवाइयों समेत 274 कार्टून जब्त।
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Sep 30, 2026
Illegal Medicine Supply
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Fake Medicines: जयपुर। भरतपुर जिले में दवाइयों की अवैध सप्लाई और उनके संभावित गलत इस्तेमाल से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। बयाना तहसील के खटनावाली गांव में एक सूखे कुएं से करीब 5 करोड़ रुपए मूल्य की 274 कार्टून दवाइयां बरामद की गई हैं। इतनी बड़ी मात्रा में दवाइयों को खुले बाजार और सामान्य स्टोरेज व्यवस्था से दूर सूखे कुएं में छिपाकर रखा जाना जांच एजेंसियों के लिए गंभीर सवाल बन गया है।

मुखबिर से मिली सूचना के बाद सहायक औषधि नियंत्रक भरतपुर के नेतृत्व में औषधि नियंत्रण विभाग की टीम ने स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों की मदद से कार्रवाई की। तलाशी के दौरान कुएं से दवाइयों के 274 कार्टून निकाले गए। विभाग ने इन्हें नियमानुसार जब्त कर लिया है।

हार्ट और डायबिटीज की दवाइयां भी मिलीं

बरामद दवाइयों में सामान्य दवाइयों के साथ हृदय रोग, डायबिटीज और एलर्जी के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां भी शामिल हैं। इनमें लोसार-50, जानुमेट, केटोरोल-एम, एलेग्रा-एम और जालरा जैसी दवाइयां बताई गई हैं। इतनी बड़ी मात्रा में ऐसी दवाइयों का कुएं में मिलना पूरे मामले को गंभीर बना रहा है।

सबसे बड़ा सवाल: दवाइयां कुएं तक पहुंचीं कैसे?

औषधि नियंत्रण विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि करोड़ों रुपए की दवाइयां आखिर कुएं तक कैसे पहुंचीं। जांच में निर्माता, डिपो, सीएंडएफ, वितरक और अन्य सप्लाई चैन की कड़ियों को खंगाला जा रहा है। बैच नंबर, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि और वितरण से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।

एक्सपायरी डेट बदलकर बेचने की आशंका भी जांच के दायरे में

विभाग इस एंगल से भी जांच कर रहा है कि कहीं अवधि-पार दवाइयों को अवैध तरीके से निकालकर उनकी समाप्ति तिथि बदलने के बाद दोबारा बाजार में बेचने की तैयारी तो नहीं थी। हालांकि अभी यह केवल जांच का एक पहलू है। दवाइयों के नमूनों की प्रयोगशाला जांच और निर्माता स्तर पर बैच सत्यापन के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

भरतपुर से आगरा तक कार्रवाई, वहां भी मिली संबंधित दवाइयां

मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सूचना उत्तर प्रदेश के औषधि नियंत्रण अधिकारियों और संबंधित निर्माता कंपनियों को भी दी गई। इसके बाद आगरा में भी संबंधित दवाइयां जब्त की गईं। थाना मलपुरा, आगरा में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। इससे मामले की जांच का दायरा राजस्थान से आगे बढ़कर उत्तर प्रदेश तक पहुंच गया है।

जांच के लिए 10 नमूने लिए

औषधि नियंत्रण अधिकारी भरतपुर की टीम ने बरामद दवाइयों में से गुणवत्ता जांच के लिए 10 नमूने लिए हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है। साथ ही निर्माता स्तर से बैचवार सत्यापन और वितरण संबंधी अभिलेख जुटाए जा रहे हैं।

विभाग के अनुसार जांच में यदि दवाइयां नकली, मिलावटी, परिवर्तित या अवैध तरीके से बाजार में बेचने के लिए रखी गई पाई जाती हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि करीब 5 करोड़ रुपये की दवाइयों का इतना बड़ा जखीरा सूखे कुएं में किसने छिपाया और इसका असली मकसद क्या था।

Updated on:
30 Sept 2026 07:49 pm
Published on:
30 Sept 2026 07:47 pm