जयपुर

Bhil Pradesh: नए राज्य की मांग पर भजनलाल सरकार ने विधानसभा में कही ये बड़ी बात

बीएपी विधायक राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के 49 जिलों को मिलाकर भील प्रदेश बनाने की मांग की मांग कर रहे है।

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Jul 19, 2024
cm bhajanlal sharma

जयपुर। राजस्थान में अलग से भील प्रदेश बनाने मांग पर सियासत गरमाई हुई है। बीएपी विधायक राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के 49 जिलों को मिलाकर भील प्रदेश बनाने की मांग की मांग कर रहे है। हालांकि, भजनलाल सरकार ने आदिवासियों के लिए भील प्रदेश बनाने की मांग को ठुकरा दी है। मानगढ़ धाम पर गुरुवार को हुई भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा की सांस्कृतिक महारैली में भील प्रदेश बनाने की मांग उठाई गई थी। वहीं, विधानसभा में भी बीएपी विधायकों ने इस मांग को उठाया था। लेकिन, भजनलाल सरकार ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है।

बीएपी विधायक गुरुवार को सदन में भील प्रदेश की मांग वाली टीशर्ट पहनकर पहुंचे थे। इस दौरान बीएपी विधायकों ने इस मुद्दे को उठाया था। लेकिन, भील प्रदेश की मांग पर सदन में बीएपी अलग-थलग पड़ गई। उसे कांग्रेस का भी साथ नहीं मिला है। जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने भील प्रदेश के मुद्दे को लेकर कहा कि जाति के आधार पर हम कोई राज्य नहीं बना रहे। विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा कि पहले धर्म के आधार पर देश को बांटा, अब जाति के आधार पर प्रदेश को बांट रहे हो।

अलग प्रदेश की मांग पर मंत्री बाबूलाल खराड़ी का जवाब

विधानसभा में बीएपी विधायक थावरचंद ने अलग प्रदेश की मांग उठाई। जिस पर जवाब देते हुए भजनलाल सरकार के मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि जाति के आधार पर अलग से प्रदेश बनाना ठीक नहीं है। विकास के लिए छोटा राज्य कारगर होते है। लेकिन, जाति आधार पर अलग राज्यों की मांग करना सही नहीं है। ऐसा हुआ तो अलग-अलग जाति-समाज के लोग राज्यों की मांग करने लगेंगे। ऐसे में सामाजिक ताना-बाना बिगड़ने लगेगा। हमारी सरकार ने आदिवासी क्षेत्र में पानी, बिजली, सड़क और शिक्षा पर हमेशा फोकस किया है।