
फाइल फोटो पत्रिका
Rajasthan : राजस्थान हाईकोर्ट में हर माह दो शनिवार न्यायिक कार्य दिवस घोषित करने के खिलाफ अधिवक्ताओं ने विरोध तेज कर दिया। जोधपुर में हाईकोर्ट के दोनों बार संघों ने शुक्रवार को ही सोमवार को न्यायिक कार्यों के बहिष्कार की घोषणा कर दी थी, अब जयपुर में भी हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने इसी तरह का निर्णय लिया है। इस बीच, राजस्थान बार कौंसिल ने भी शनिवार को न्यायिक कार्य दिवस घोषित करने के फैसले को अधिवक्ता हितों के विरुद्ध बताते हुए पुनर्विचार की मांग की है।
कौंसिल की रविवार को भुवनेश शर्मा की अध्यक्षता में हाइब्रिड मोड पर आपात बैठक हुई, जिसमें जोधपुर में पदाधिकारी व सदस्य कार्यालय में मौजूद रहे और जयपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
उधर, जयपुर में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की आपात बैठक राजीव सोगरवाल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में बार कौंसिल ने हाईकोर्ट में प्रतिमाह दो शनिवार को न्यायिक कार्य दिवस घोषित किए जाने और रात्रिकालीन न्यायालयों के संचालन को लेकर अभिभाषक संघों के प्रतिवेदनों पर चर्चा की, जिसके बाद बिना परामर्श हर माह दो शनिवार न्यायिक कार्यदिवस घोषित किए जाने को अधिवक्ता हितों के विरुद्ध माना गया।
साथ ही जिला न्यायालयों में भी राजस्व न्यायालयों व केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरणों की तर्ज पर सप्ताह में पांच दिन की कार्य व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई।
उधर, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जयपुर की ओर से अध्यक्ष राजीव सोगरवाल व महासचिव दीपेश शर्मा ने कहा कि हाईकोर्ट प्रशासन ने उनके सुझावाें पर विचार नहीं किया, जिसके चलते साेमवार को न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया जाएगा।
लंबे अवकाश के बाद कोर्ट की प्रक्रिया आज से शुरू होने वाली थी। अब अधिवक्ताओं के कार्य बहिष्कार से कई महत्वपूर्ण केस की सुनवाई प्रभावित होगी। आज हाईकोर्ट में एसआई भर्ती पेपर लीक मामले में भी सुनवाई होनी थी, लेकिन अब इस हड़ताल के चलते वह सुनवाई भी टल सकती है।
Updated on:
05 Jan 2026 09:58 am
Published on:
05 Jan 2026 08:41 am
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