
राजस्थान में बर्फीली हवाओं ने जनजीवन को पूरी तरह से थाम दिया है। प्रदेश की राजधानी जयपुर सहित अधिकांश जिलों में आज सुबह कोल्ड अटैक देखने को मिला। जयपुर के शहरी और ग्रामीण इलाकों में आज सुबह सीजन का पहला सबसे घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी बहुत कम रह गई। वाहनों को सुबह 9 बजे तक लाइटें जलाकर धीमी गति में चलना पड़ा
कड़ाके की ठंड का आलम यह रहा कि सीकर और झुंझुनूं में खुले मैदानों, वाहनों की छतों और पेड़-पौधों की पत्तियों पर बर्फ की सफेद चादर बिछी नजर आई। इस भीषण सर्दी को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। बारां जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 5 जनवरी को जिले के सभी सरकारी व निजी स्कूलों (कक्षा 1 से 12 तक) और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है। आदेश का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
रविवार और सोमवार की रात इस सीजन की सबसे ठंडी रात साबित हुई। सात प्रमुख शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। फतेहपुर (सीकर) में पारा 2.8 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे न्यूनतम रहा, जबकि बाड़मेर में दिन का तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले चार दिनों तक जयपुर संभाग में शीतलहर का असर जारी रहेगा।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले एक सप्ताह तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा। हालांकि अगले 2 से 3 दिनों तक सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। साथ ही न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट हो सकती है। खासतौर पर उत्तरी राजस्थान में शीतलहर चलने के आसार हैं। अगले 48 घंटों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री नीचे रह सकता है।
ग्रामीण इलाकों में कड़ाके की सर्दी ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। खेतों में खड़ी रबी की फसलों—विशेष रूप से सरसों, चने और सब्जियों—पर पाला जमने के स्पष्ट संकेत देखे गए हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यदि तापमान इसी तरह गिरता रहा और बर्फीली हवाएं जारी रही तो फसलों को नुकसान हो सकता है।
राजस्थान का पर्यटन सीजन इन दिनों अपने चरम पर है, लेकिन घने कोहरे और शीतलहर ने पर्यटकों की गतिविधियों को सीमित कर दिया है। जयपुर के आमेर, नाहरगढ़ और जयगढ़ जैसे किलों पर सुबह के समय विजिबिलिटी कम होने के कारण पर्यटक देरी से पहुंच रहे हैं। हवाई यातायात पर भी इसका सीधा असर पड़ा है। कोहरे के चलते जयपुर एयरपोर्ट पर कई उड़ानें देरी से संचालित हुई है। माउंट आबू जैसे हिल स्टेशन पर तापमान शून्य पर होने के कारण वहां सैलानी होटलों में ही दुबकने को मजबूर हैं।
अचानक बढ़ी इस ठंड का सबसे बुरा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। एसएमएस अस्पताल सहित शहर के प्रमुख चिकित्सा केंद्रों में स्वांस, हृदय रोग और सर्दी-जुकाम के मरीजों की संख्या में 30 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि अत्यधिक ठंड के कारण रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे बीपी बढ़ने और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। बुजुर्गों और बच्चों को इस समय विशेष सावधानी बरतने, पर्याप्त ऊनी कपड़े पहनने और गर्म तासीर वाली चीजों का सेवन करने की सलाह दी गई है।
Published on:
05 Jan 2026 11:46 am
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