जयपुर

Rajasthan Budget 2026: राजस्थान में सभी को मिलेगा फ्री इलाज, मेडिकल क्षेत्र में मिली 15 बड़ी सौगात

Free Treatment in Rajasthan: राजस्थान की वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बजट में बुधवार चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कई बड़े एलान किए है।
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Feb 11, 2026
Rajasthan Budget 2026
Photo: AI generated

जयपुर। राजस्थान की वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बजट में बुधवार चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कई बड़े एलान किए है। जिनमें सबसे खास यह रहा कि अब राजस्थान में ऐसे मरीजों को भी फ्री इलाज मिलेगा, जिनके पास डॉक्यूमेंट्स नहीं है।

राजस्थान की डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बजट भाषण के दौरान कहा कि जो दस्तावेजों के अभाव में इलाज से वंचित रह जाते हैं, ऐसे लोगों को अब मुफ्त चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। बिना डॉक्यूमेंट्स वाले मरीजों को मुख्यमंत्री चिकित्सा आरोग्य योजना एवं निरोगी राज्य योजना के तहत निशुल्क चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा।

सुरक्षा के नाम से नई योजना होगी शुरू

गंभीर मरीजों और एक्सीडेंट के मामलों में तत्काल इलाज के लिए राज सुरक्षा के नाम से नई योजना शुरू की जाएगी। एक्सीडेंट में तत्काल इलाज के लिए हाईवे पर रेस्ट सेंटर्स पर एंबुलेंस तैनात की जाएगी।

एसएमएस में खुलेगा नया मेंटल हेल्थ सेंटर

आत्महत्याएं रोकने और मानसिक स्वास्थ्य पर राज ममता के नाम से नया कार्यक्रम शुरू होगा। एसएमएस में मेंटल हेल्थ पर नया सेंटर खुलेगा। जिला अस्पतालों में मेंटल हेल्थ केयर सेंटर खुलेंगे। कॉलेजों में मेंटल हेल्थ और काउंसलिंग के लिए काउंसलर जाएंगे। हर ग्राम पंचायत में आरोग्य शिविर लगाए जाएंगे।

चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्र में हुई बड़ी घोषणाएं

—जयपुर, जोधपुर, बीकानेर सहित बड़े शहरों के अस्पतालों में मरीजों के अटेंडेंट को ठहरने की सुविधाओं के लिए धर्मशालाएं बनेंगी, इन पर 500 करोड़ खर्च होंगे।
—जयपुर के जेके लोन अस्पताल में 75 करोड़ की लागत से नया आईपीडी टावर बनाया जाएगा, नियो नेटल नया आईसीयू भी बनेगा।
—अस्पतालों में मौत पर घर तक डेड बॉडी फ्री पहुंचाई जाएगी, इसके लिए मोक्षवाहिनी योजना शुरू होगी।
—मेडिकल विभाग में 1000 नए पदों का सृजन होगा।
—अस्पतालों में आग से जुड़ी दुर्घटनाएं रोकने के लिए फायर सेफ्टी उपकरणों पर 300 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
—स्थानीय स्तर पर हार्टअटैक की पहचान कर लोगों का जीवन बचाया जा सके, इसके लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ही टेली एक्स थ्रांबोसिस की सुविधा मिलेगी।
—संभाग स्तर पर सभी डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ को चरण तरीके से कार्डियक लाइव सपोर्ट सर्टिफिकेशन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
—कॉलेजों में मेंटल हेल्थ और काउंसलिंग के लिए काउंसलर जाएंगे, काउंसलिंग को अनिवार्य किया जाएगा।
—हर ग्राम पंचायत में आरोग्य शिविर लगाए जाएंगे।
—सड़क हादसों में मृत्यु दर को कम करने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस धारकों के लिए सीपीआर का प्रशिक्षण अनिवार्य।