राजस्थान के किसानों के लिए खुशखबरी है। हीरालाल नागर ने आश्वस्त किया कि जले हुए ट्रांसफार्मरों को समय पर बदलने की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
जयपुर। राजस्थान के किसानों के लिए खुशखबरी है। ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर ने विधानसभा में कहा कि जले हुए ट्रांसफार्मरों को समय पर बदलने के लिए डिस्कॉम की ओर से हर सब-डिवीजन स्तर पर एक-एक लिफ्टर की व्यवस्था की गई है।
किसानों की ओर से स्वयं ट्रांसफार्मर परिवहन कराने की स्थिति में 700 रुपए का मानदेय उनके बिजली बिल में समायोजित किया जाता है।
हीरालाल नागर ने आश्वस्त किया कि इस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा और भुगतान में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर विभागीय जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि जले हुए ट्रांसफार्मरों को लाने और ले जाने और बदलने की जिम्मेदारी संबंधित लिफ्टर संवेदक को दी गई है।
प्रश्नकाल के दौरान महवा विधायक राजेंद्र मीणा के पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में भूमिगत विद्युत लाइन बिछाने का कार्य स्थानीय निकायों की ओर से कराया जाता है।
निकायों के अनुरोध पर विद्युत निगम डीपीआर तैयार करता है और निर्धारित राशि जमा होने के बाद ही कार्य शुरू होता है। एक बार अवसंरचना स्थापित हो जाने के बाद भूमिगत लाइन का कार्य निगम द्वारा नहीं किया जाता।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय हुए टेंडरों में गुणवत्ता संबंधी शिकायत मिलने पर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने बताया कि महवा विधानसभा क्षेत्र में 5 जनवरी 2026 तक 242 कृषि कनेक्शन लंबित हैं।
संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर वरीयतानुसार कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं। 22 फरवरी 2022 की कट-ऑफ तिथि के बाद सामान्य श्रेणी के 1002 आवेदकों को नई कट-ऑफ तिथि घोषित होने के बाद कनेक्शन दिए जाएंगे।
कृषि नीति-2017 (संशोधित 31 जनवरी 2022) के तहत अनुसूचित जाति व बूंद-बूंद, फव्वारा, डिग्गी आदि योजनाओं के आवेदनों को प्राथमिकता से निस्तारित किया जा रहा है। महवा क्षेत्र में जले ट्रांसफार्मरों को बदलने के लिए वर्तमान में संविदाकार के माध्यम से 3 लिफ्टर कार्यरत हैं।
बता दें कि विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान महवा विधायक राजेंद्र मीणा ने क्षेत्र के कई मुद्दे उठाए। उन्होंने क्षेत्र में कृषि बिजली कनेक्शनों की लंबित स्थिति, जले हुए ट्रांसफार्मरों के परिवहन में आ रही परेशानियों और बिजली आपूर्ति की निरंतरता जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा था।