
राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को संविदाकर्मियों के भविष्य को लेकर चर्चा हुई। स्वायत्त शासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबरमल खर्रा ने विधायक डॉ. शिखा मील बराला के सवालों का जवाब देते हुए सरकार की मंशा साफ कर दी। उन्होंने कहा कि सरकार संविदाकर्मियों के हितों के प्रति संवेदनशील है और नई भर्तियों में उन्हें प्राथमिकता (Priority Selection) देने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी।
मंत्री झाबरमल खर्रा ने सदन को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार जब भी नई भर्तियां निकालेगी, उनमें पहले से कार्यरत संविदाकर्मियों के अनुभव को तरजीह दी जाएगी।
संविदाकर्मियों के शोषण को रोकने के लिए सरकार ने नई भुगतान व्यवस्था लागू की है। अब प्लेसमेंट एजेंसियां कर्मियों का हक नहीं मार पाएंगी।
सदन में बेरोजगारों के लिए एक और बड़ी जानकारी साझा की गई। मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 का भर्ती कैलेंडर जारी हो चुका है। इसके अनुसार, अक्टूबर 2026 में प्रदेश में बड़े स्तर पर सफाई कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह भर्ती कैलेंडर युवाओं को समयबद्ध तैयारी करने का अवसर प्रदान करेगा।
नगर परिषद चौमूं का उदाहरण देते हुए मंत्री ने बताया कि भ्रष्टाचार की शिकायतों पर सरकार कितनी सख्त है।
मंत्री खर्रा ने स्वीकार किया कि प्रदेश के निकायों में नियमित कार्मिकों की भारी कमी है। नगर परिषद चौमूं सहित कई निकायों में 2017 से ही प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए काम चलाया जा रहा है। सरकार अब इन रिक्तियों को नियमित भर्तियों के जरिए भरने की तैयारी में है, जिसमें संविदाकर्मियों को प्राथमिकता देना एक बड़ा गेम-चेंजर साबित होगा।
Published on:
18 Feb 2026 04:54 pm
