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राजस्थान में संविदा कर्मी नियमित होंगे या नहीं? भजनलाल सरकार ने कर दी ये ‘बड़ी घोषणा’

राजस्थान की भजनलाल सरकार ने प्रदेश के लाखों संविदाकर्मियों के लिए एक बड़ी और सकारात्मक घोषणा की है। बुधवार को विधानसभा सत्र के दौरान स्वायत्त शासन राज्य मंत्री झाबरमल खर्रा ने स्पष्ट किया कि आने वाली सरकारी भर्तियों में संविदा पर काम कर रहे युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर समायोजित करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
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जयपुर

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Nakul Devarshi

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Updated: 18 Feb 2026, 4:54 PM IST

rajasthan news

राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को संविदाकर्मियों के भविष्य को लेकर चर्चा हुई। स्वायत्त शासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबरमल खर्रा ने विधायक डॉ. शिखा मील बराला के सवालों का जवाब देते हुए सरकार की मंशा साफ कर दी। उन्होंने कहा कि सरकार संविदाकर्मियों के हितों के प्रति संवेदनशील है और नई भर्तियों में उन्हें प्राथमिकता (Priority Selection) देने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी।

सरकारी भर्तियों में 'एडजस्ट' होंगे संविदाकर्मी

मंत्री झाबरमल खर्रा ने सदन को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार जब भी नई भर्तियां निकालेगी, उनमें पहले से कार्यरत संविदाकर्मियों के अनुभव को तरजीह दी जाएगी।

  • समायोजन का प्रयास: सरकार का लक्ष्य है कि अनुभवी संविदाकर्मियों को नियमित पदों पर समायोजित करने के लिए नियमों में आवश्यक शिथिलता या बोनस अंकों जैसे प्रावधानों पर विचार किया जाए।
  • भविष्य की सुरक्षा: इस घोषणा से नगर निगमों, परिषदों और अन्य विभागों में प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए लगे कार्मिकों को स्थायी होने की उम्मीद जगी है।

पीएफ और ईएसआई पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'

संविदाकर्मियों के शोषण को रोकने के लिए सरकार ने नई भुगतान व्यवस्था लागू की है। अब प्लेसमेंट एजेंसियां कर्मियों का हक नहीं मार पाएंगी।

  • अनिवार्य चालान: प्लेसमेंट एजेंसियों को अब हर महीने संविदाकर्मी का पीएफ और ईएसआई जमा करना होगा।
  • भुगतान की नई शर्त: दूसरे महीने का बिल तभी पास होगा जब एजेंसी पहले महीने की पीएफ/ईएसआई जमा होने की आधिकारिक रसीद (चालान) प्रस्तुत करेगी।
  • सख्त निर्देश: यदि एजेंसी चालान नहीं देती है, तो उसका भुगतान तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाएगा।

सफाई कर्मचारी भर्ती: अक्टूबर 2026 की डेडलाइन

सदन में बेरोजगारों के लिए एक और बड़ी जानकारी साझा की गई। मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 का भर्ती कैलेंडर जारी हो चुका है। इसके अनुसार, अक्टूबर 2026 में प्रदेश में बड़े स्तर पर सफाई कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह भर्ती कैलेंडर युवाओं को समयबद्ध तैयारी करने का अवसर प्रदान करेगा।

भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस'

नगर परिषद चौमूं का उदाहरण देते हुए मंत्री ने बताया कि भ्रष्टाचार की शिकायतों पर सरकार कितनी सख्त है।

  • कार्रवाई: भ्रष्टाचार के आरोप में दो स्थायी कार्मिकों को उनके मूल विभाग (पशुपालन) भेजकर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
  • सेवा समाप्त: एक संविदाकर्मी की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। यह संदेश स्पष्ट है कि सेवा में लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

निकायों में रिक्त पदों की चुनौती

मंत्री खर्रा ने स्वीकार किया कि प्रदेश के निकायों में नियमित कार्मिकों की भारी कमी है। नगर परिषद चौमूं सहित कई निकायों में 2017 से ही प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए काम चलाया जा रहा है। सरकार अब इन रिक्तियों को नियमित भर्तियों के जरिए भरने की तैयारी में है, जिसमें संविदाकर्मियों को प्राथमिकता देना एक बड़ा गेम-चेंजर साबित होगा।