जयपुर

राजस्थान सरकार ने 1.39 करोड़ उपभोक्ताओं को दी बड़ी राहत, 100 यूनिट तक बिजली FREE के बाद 300 यूनिट पर ये आया अपडेट

Rajasthan Govt Big Relief: राजस्थान सरकार ने बिजली कंपनियों पर बढ़ते रेगुलेटरी एसेट्स के बोझ से आम उपभोक्ताओं को राहत देने का फैसला किया है। 100 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं का बिल शून्य रहेगा जबकि 300 यूनिट तक खपत वालों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा।
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Oct 01, 2025
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फोटो: पत्रिका

Good News: राजस्थान की बिजली कंपनियों पर रेगुलेटरी एसेट्स का बोझ 49 हजार 842 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। इसी कारण कंपनियों ने राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग में दायर टैरिफ याचिका में सरचार्ज लगाना प्रस्तावित किया है। टैरिफ आदेश जारी होने से पहले ही राज्य सरकार ने बड़ा फैसला किया है कि गरीब, जरूरतमंद और कृषि उपभोक्ताओं पर इस रेगुलेटरी एसेट्स का बोझ नहीं पड़ेगा।

यानि सरकार इनका भार उठाएगी। इनमें करीब 1.39 करोड़ उपभोक्ता शामिल होंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार इनमें 300 यूनिट से कम खपत वाले उपभोक्ता शामिल होंगे। इससे बीस लाख कृषि के अलावा 1 करोड़ 19 लाख 62 हजार घरेलू उपभोक्ता हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश…

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के मामले में हाल ही आदेश दिया था कि बिजली कंपनियां 1 अप्रैल 2024 से चार साल के भीतर (31 मार्च, 2028) तभी रेगुलेटरी एसेट्स खत्म करें। यानी तय समय में कंपनियों को यह बोझ कम करना होगा।

टैरिफ याचिकाः कहीं फिक्स चार्ज तो कहीं कम दर का प्रस्ताव

बिजली कंपनियों की टैरिफ याचिका पर विद्युत विनियामक आयोग को आदेश जारी करना है। संभवतया ऐसा पहली बार है आयोग के आदेश से पहले ही सरकार ने अपनी मंशा स्पष्ट कर दी। हालांकि, आयोग के आदेश के बाद ही बिजली दर बढ़ने या घटने की स्थिति पूरी तरह साफ होगी।

  • 100 यूनिट खपत तक बिल शून्य रहेगा
  • 62 लाख घरेलू उपभोक्ता (100 यूनिट तक खपत): बिजली बिल शून्य ही रहेगा।
  • 1 करोड़ 19 लाख 62 हजार उपभोक्ता (300 यूनिट तक खपत): अतिरिक्त बोझ से मुक्त रहेंगे।
  • 37 लाख उपभोक्ता (51-150 यूनिट खपत): 50 पैसे प्रति यूनिट राहत, फिक्स चार्ज 250 से घटाकर 150 रुपए।
  • 150 से 300 यूनिट खपत करने वाले उपभोक्ताः 35 पैसे प्रति यूनिट की छूट मिलेगी।
  • 20 लाख 9 हजार 714 कृषि उपभोक्ता अतिरिक्त भार सरकार खुद उठाएगी।
  • 15 लाख 37 हजारः तीन सौ यूनिट से अधिक मासिक उपभोग वाले उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार पड़ेगा।
Updated on:
01 Oct 2025 08:36 am
Published on:
01 Oct 2025 08:36 am