CBSE 10th Student Success Story: पहले जहां 1985 से 1990 तक परिणाम में छात्रों का दबदबा था, वहीं 1991-92 के बाद से छात्राओं की संख्या और प्रदर्शन दोनों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
CBSE 10th Result 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बुधवार को दसवीं कक्षा का परिणाम घोषित किया, जिसमें एक बार फिर बेटियों ने बाजी मार ली। ये लगातार 27वां साल है, जब छात्राओं का परिणाम छात्रों से बेहतर रहा है। खास बात यह रही कि सीबीएसई के इतिहास में पहली बार अप्रेल महीने में रिजल्ट जारी किया। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार छात्राएं अब रिजल्ट-ओरिएंटेड पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे रही हैं, जिससे उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है।
चित्तौड़गढ़ के जुड़वां भाई पर्व (99%) और (98.4%) पार्थ मालू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 98 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए। दोनों भाइयों की इस सफलता ने जिले का नाम रोशन किया है। परिवार और शिक्षकों ने उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई और इसे मेहनत व अनुशासन का परिणाम बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि छात्राएं पढ़ाई को अपने भविष्य और करियर से जोड़कर देखती हैं। यही कारण है कि वे नियमित अभ्यास, रिवीजन और लक्ष्य आधारित अध्ययन पर जोर देती हैं। पहले जहां 1985 से 1990 तक परिणाम में छात्रों का दबदबा था, वहीं 1991-92 के बाद से छात्राओं की संख्या और प्रदर्शन दोनों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। पिछले 15 वर्षों में छात्राओं का परिणाम 99 प्रतिशत तक पहुंच गया, जबकि छात्रों का परिणाम 96.5 प्रतिशत तक रहा।
जयपुर की राशिका सैनी (99.8%) ने बताया कि घंटों पढ़ने से ज्यादा जरूरी है ध्यान से पढ़ाई करना। अलीशा अमर (99.6%) ने हर अध्याय के बाद अभ्यास और रोज का लक्ष्य तय करने को सफलता का राज बताया। वहीं कोटा की अवनी आर्य (99.6%) ने नियमित रिवीजन और निरंतर मेहनत को अपनी सफलता का आधार माना।
अजमेर रीजन 94.78 प्रतिशत परिणाम के साथ देशभर में दसवें स्थान पर रहा। पिछले वर्ष की तुलना में इसमें 0.66 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस रीजन में 57,125 छात्र और 41,288 छात्राएं पंजीकृत थीं, जिनमें से अधिकांश विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए।
देशभर में त्रिवेंद्रम पहले, विजयवाड़ा दूसरे और चेन्नई तीसरे स्थान पर रहे। कुल 98,779 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 98,529 परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 53,551 छात्र और 39,534 छात्राएं उत्तीर्ण हुईं।