
सीबीएसई के सत्र 2025-26 में पढ़ने वाले दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों को परीक्षा के दो अवसर मिल सकेंगे। विद्यार्थी दोनों विकल्पों अथवा वार्षिक परीक्षा के विकल्प को चुन सकेंगे। परीक्षा इंजीनियरिंग में दाखिले के लिए होने वाली जेईई-मेंस की तर्ज पर होगी। जिस परीक्षा में विद्यार्थी का प्रदर्शन बेहतर होगा उसके अंकों को ही अंतिम माना जाएगा। इसको लेकर शिक्षा मंत्रालय ने बोर्ड को तैयारी शुरू करने को कहा है। परीक्षाओं को लेकर तनाव खत्म करने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने दसवीं-बारहवीं की परीक्षा दो बार कराने का ऐलान किया है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में इसकी सिफारिश की गई है। राजस्थानमें सीबीएसई के कुल 1367 स्कूल हैं। अजमेर सीबीएसई का क्षेत्रीय कार्यालय है।
शिक्षा मंत्रालय के दिशा-निर्देश पर सीबीएसई तैयारी में जुटा है। सत्र 2025-26 में दसवीं-बारहवीं कक्षा में आने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा के दो अवसर दिए मिलेंगे। बोर्ड को सभी क्षेत्रीय कार्यालय और स्कूल में निर्देश भी भेजने पड़ेंगे। विकल्प चुनने को लेकर विद्यार्थियों-परिजन से चर्चा और योजना की जानकारी भी दी जाएगी।
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कोरोना संक्रमण के चलते सीबीएसई ने सत्र 2021-22 में दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं दो टर्म में कराई थीं। प्रथम टर्म परीक्षाएं नवम्बर-दिसम्बर और द्वितीय टर्म परीक्षा अप्रेल-मई में कराई गई थीं। दोनों परीक्षाओं के अंकों के आधार पर जुलाई-अगस्त में नतीजे जारी किए गए। बोर्ड के 90 साल के इतिहास में पहली बार दो बार टर्म परीक्षा कराई गई थीं।
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