जयपुर

Supreme Court : चंबल में अवैध खनन से घड़ियालों पर संकट, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र व राजस्थान सहित 3 राज्यों से किया जवाब-तलब

Supreme Court : चंबल नदी के किनारे बड़े पैमाने पर अवैध खनन से घड़ियालों के आवासों के नष्ट होने के मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट गंभीरता से लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब तलब करते हुए सुनवाई 2 अप्रेल तक टाल दी है।
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Chambal Illegal mining in threatens crocodiles Supreme Court has summoned Centre Rajasthan Madhya Pradesh and Uttar Pradesh governments
चंबल में अवैध खनन। फाइल फोटो पत्रिका

Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि चंबल नदी के किनारे बड़े पैमाने पर अवैध खनन से घड़ियालों के आवासों को नष्ट किया जा रहा है, जिससे घड़ियाल प्रजाति को खतरा पैदा हो गया है। कोर्ट ने केंद्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब तलब करते हुए सुनवाई 2 अप्रेल तक टाल दी है।

न्यायाधीश विक्रम नाथ व न्यायाधीश संदीप मेहता की खंडपीठ ने घड़ियाल प्रजाति से जुडे़ इस मामले में स्वप्रेरणा से याचिका दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट ने चंबल नदी के किनारे बड़े पैमाने पर अवैध खनन से घड़ियालों के आवास नष्ट होने के मुद्दे को गंभीरता से लिया, वहीं राजस्थान सरकार के 732 हेक्टेयर भूमि को राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य से बाहर करने के कथित प्रयासों पर दखल दिया।

कोर्ट ने संरक्षित क्षेत्र में वन्यजीवों को खतरे से जुड़े इस मामले को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम-1972; पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम-1986, वन (संरक्षण) अधिनियम- 1980; जैव विविधता अधिनियम-2002; भारतीय वन अधिनियम-1927 के तहत दंडनीय अपराध माना है।

कोर्ट ने दी चेतावनी

कोर्ट ने चेतावनी दी है कि राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश राज्यों के वन, खनन व जल संसाधन आदि विभागों तथा पुलिस के उच्च अधिकारियों को उनकी सुस्ती, निष्क्रियता, अपराध की अनदेखी व उसे बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।

इनको जारी किया नोटिस

1- मुख्य सचिवों के जरिए राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश।
2- राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक।
3- राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के खान और भूविज्ञान विभागों के प्रधान सचिव।
4- राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के वन विभागों के प्रधान सचिव।
5- राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के जल संसाधन विभागों के प्रधान सचिव।
6- केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय सचिव।

इन्हें बनाया न्यायमित्र

कोर्ट ने इस मामले में सहयोग के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता निखिल गोयल व एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड रूपाली सैमुयल को न्यायमित्र नियुक्त किया है।

राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में पाए जाते हैं सबसे अधिक घड़ियाल

राजस्थान में चंबल नदी चित्तौड़गढ़ (रावतभाटा) से प्रवेश कर कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, करौली और धौलपुर जिलों से होकर बहती है। सबसे अधिक घड़ियाल राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य (सवाई माधोपुर, कोटा, बूंदी, करौली, धौलपुर) में पाए जाते हैं। यह चंबल नदी के किनारे ही स्थित है। वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, चंबल नदी (राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य) में घड़ियालों की संख्या करीब 2,000 से अधिक हो गई है।

Updated on:
24 Mar 2026 09:37 am
Published on:
24 Mar 2026 09:36 am