यह बच्ची दौसा के नांगल क्षेत्र की है और कक्षा 5 में पढ़ रही थी। इसकी बड़ी बहिन की शादी कानोता क्षेत्र में हुई है। बहिन के देवर से ही इसका बाल विवाह कराया गया।
Child Marriage Case: शिक्षा के प्रति लगन और सपने पूरा करने की जिद हो तो विकट हालात में भी कामयाबी मिल जाती है। बाल विवाह की जंजीरों में जकड़ी जयपुर के कानोता क्षेत्र में रह रही एक 14 साल की रोशनी (बदला हुआ नाम) पढ़ाई जारी रखने के लिए पिछले आठ महीनों से कथित ससुराल में बाहर निकलने की जद्दोजहद में लगी थी।
वह मौका मिलते ही कभी किसी पड़ोसी तो कभी राहगीर से मोबाइल मांगती और अपने शिक्षकों व रिश्तेदारों को फोन कर कहती मुझे पढ़ाई करनी है। आखिरकार चाइल्ड हेल्पलाइन और कानोता थाना पुलिस ने उसको रेस्क्यू किया।
दरअसल यह बच्ची दौसा के नांगल क्षेत्र की है और कक्षा 5 में पढ़ रही थी। इसकी बड़ी बहिन की शादी कानोता क्षेत्र में हुई है। बहिन के देवर से ही इसका बाल विवाह कराया गया। रोशनी की एक शिक्षिका ने पूरे मामले को कोटा के एक अधिकारी तक पहुंचाया। उन्होंने तत्काल जयपुर चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना दी और पुलिस की मदद से बच्ची को कानोता के ससुराल से रेस्क्यू किया गया।
इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति के आदेश से गांधी नगर स्थित बालिका गृह में भेज दिया गया। समिति ने पुलिस को भी आगामी कार्यवाही के लिए निर्देशित कर दिया है।
पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम को देखकर बच्ची के कथित ससुराल वालों ने मामले को भांप लिया। उन्होंने टीम को गुमराह करते हुए कहा कि यह बच्ची तो हमारी बहू की बहिन है और मिलने आई है। उन सभी ने एक होकर सच्चाई को दबाने की कोशिश की। लेकिन इसी बीच बच्ची ने खुद कहा कि मेडम मेरा बाल विवाह हुआ है। मुझे पढ़ना है। यहां से ले चलिए।