
जयपुर. सिविल लाइंस पर बन रहा रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) अभी शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन इसके महज 70 मीटर दूर होने से राजमहल चौराहे पर जाम और खुद आरओबी तक वाहनों की कतारें लगने का खतरा भांपते हुए अब जेडीए ने नया प्लान बनाया है। जेडीए सरदार पटेल मार्ग स्थित राजमहल चौराहे को सिग्नल फ्री बनाने की दिशा में विस्तृत तकनीकी-ट्रैफिक अध्ययन करा रहा है। आरओबी शुरू होने के बाद राजमहल चौराहे पर जाम लगेगा, वाहनों की कतारें ब्रिज तक पहुंचेंगी। 75 करोड़ रुपए के आरओबी प्रोजेक्ट की डिजाइन पर सवाल उठ रहे हैं।
नहीं दिया जवाब: सिविल लाइंस आरओबी प्रोजेक्ट की एक्सईएन अनुपमा शर्मा से पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने जवाब नहीं दिया। मैसेज का भी जवाब नहीं आया।
सिविल लाइंस आरओबी शुरू होने के बाद अजमेर रोड की तरफ से आने वाले वाहनों की संख्या राजमहल पैलेस जंक्शन पर काफी बढ़ने की संभावना है। इसी बढ़ते ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए यहां अंडरपास बनाने और पूरे चौराहे को सिग्नल फ्री करने की योजना तैयार की गई है। अगर यह योजना लागू होती है तो वाहनों को बार-बार सिग्नल पर रुकना नहीं पड़ेगा और वे बिना किसी रुकावट के आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इससे रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम में भी काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
सिर्फ वाहनों की सुविधा ही नहीं, बल्कि पैदल चलने वाले लोगों की सुरक्षा पर भी खास ध्यान दिया गया है। योजना में आधुनिक और सुरक्षित पैदल पार पथ (फुट ओवरब्रिज या अंडरपास जैसी सुविधाएं) विकसित करने का प्रस्ताव है। साथ ही इन्हें दिव्यांगजन, बुजुर्गों और बच्चों के लिए भी पूरी तरह सुविधाजनक बनाया जाएगा, ताकि हर व्यक्ति बिना किसी परेशानी के सुरक्षित तरीके से सड़क पार कर सके। अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद इस इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था पहले से ज्यादा सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित हो जाएगी।
परियोजना के ट्रैफिक विश्लेषण, संरचनात्मक डिजाइन और अन्य तकनीकी पहलुओं का परीक्षण किया जा रहा है ताकि शहर की वर्तमान-भविष्य की जरूरतों के अनुरूप स्थायी समाधान विकसित हो सकें।
प्रस्तावित अंडरपास के निर्माण से बाइस गोदाम और चौमू हाउस सर्कल के मध्य आवागमन करने वाले वाहनों को निर्बाध और सिग्नल-फ्री सुविधा मिलेगी। यात्रा समय कम होगा, यातायात क्षमता बढ़ेगी। लोगों को सुविधाजनक सफर मिलेगा।
-सिद्धार्थ महाजन, जेडीसी