
BJP Leader In Defeat Fear From Congress : मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की सुलह क्या हुई भारतीय जनता पार्टी को हार का डर सताने लगा है। यह हम नहीं कह रहे हैं सवाई माधोपुर में हुई भाजपा की विजय संकल्प बैठक में लिए गए संकल्प से बात सामने आई है। कर्नाटक के हुए कांग्रेसी करिश्में से भाजपा अभी तक आहत है। कांग्रेस की जीत पचा नहीं पा रही है।
अब कर्नाटक फार्मूले पर ही राजस्थान कांग्रेस में चल रहे विवाद को सुलझा लिया गया है तो भाजपा की नींद उड़ गई है। कर्नाटक में सिद्धरमैया और डीके शिव कुमार के बीच चल रही खींचतान को विधानसभा चुनाव से पहले सुलझा लिया गया था परिणाम कर्नाटक भाजपा के हाथ से निकल गया। राजस्थान में कांग्रेस ने पायलट गहलोत विवाद सुलझा लिया है तो भाजपा के मन में अब डर बैठता हुआ दिखाई दे रहा है।
भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने विजय सकंल्प रैली में नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए साफ कहा कि कर्नाटक में भले ही हार गए लेकिन राजस्थान में किसी भी कीमत पर नहीं हारना है। राजस्थान में सरकार बनानी है। इस बार कोई गलती नहीं करनी है। कई राज्यों में चुनाव होने हैं लेकिन राजस्थान उन राज्यों में शामिल है कि भारतीय जनता पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। संतोष ने यह साफ कर दिया कि गिले-शिकवे दूर कर चुनाव में जुट जाएं।
खतरें में न आ जाए 2024
इस कथन से यह साफ है कि कर्नाटक का डर भाजपा नेताओं में है। दूसरी बात कि उन्होंने कई गलतियों की जो कि इस चुनाव में न करने की हिदायत है। तीसरा यह कि यहां 25 लोकसभा की सीटें हैं और 2024 में लोकसभा चुनाव है। ऐसे में विधानसभा चुनाव 2023 में अगर गणित बिगड़ा तो इससे लोकसभा 2024 भी प्रभावित होगा। भारतीय जनता पार्टी ऐसा होता किसी भी कीमत पर नहीं देख सकती है।
ये रहे मौजूद...
बैठक में प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी, अर्जुन मेघवाल, गजेंद्र सिंह शेखावत, सुखबीर सिंह जौनपुरिया, जसकौर मीणा, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, दीया कुमारी, अशोक परनामी, जितेन्द्र गोठवाल सहित कई नेता मौजूद रहे।