
CM Bhajan Lal : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बहनों को ‘राखी गिफ्ट’ दिया। सीएम भजनलाल शर्मा ने रक्षाबंधन के उपहार के रूप में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और साथिन बहनों को प्रति खाते 1100 रुपए के अनुसार कुल 14.65 करोड़ रुपए की राशि डीबीटी की। साथ ही, सीएम भजनलाल ने आशा सहयोगिनियों के मानदेय में 10 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा की। सीएम भजनलाल शनिवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में सक्षम नारी, स्वस्थ बचपन, समृद्ध राजस्थान राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि महिलाओं के सशक्तीकरण के बिना मानवता की प्रगति अधूरी है। इसलिए उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसा महत्वपूर्ण अभियान एवं विभिन्न योजनाएं चलाई हैं, जिससे बड़ी संख्या में बालिकाएं और महिलाएं लाभान्वित हुई हैं।
सीएम भजनलाल ने रक्षाबंधन के उपहार के रूप में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और साथिन बहनों को प्रति खाते 1100 रुपए के अनुसार कुल 14.65 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी की। साथ ही, मुख्यमंत्री ने आशा सहयोगिनियों के मानदेय में 10 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, सांसद मंजू शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की शासन सचिव पूनम सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और साथिन बहनों ने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र भी बांधा।
सीएम भजनलाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 5 हजार रुपए की राशि बढ़ाकर 6 हजार 500 रुपए तथा दिव्यांग गर्भवती महिलाओं के लिए राशि बढ़ाकर 10 हजार रुपए की गई है। राज्य सरकार द्वारा मां वाउचर योजना के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों तक गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी की निशुल्क सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे 4.82 लाख महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे बच्चे के जन्म पर मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के तहत लगभग 6 लाख 48 हजार लाभार्थियों को लगभग 215 करोड़ रुपए की राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि पोषण के क्षेत्र में राजस्थान ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। अष्टम राष्ट्रीय पोषण माह में देश में राजस्थान द्वितीय स्थान पर रहा तथा अप्रैल 2026 में अष्टम पोषण पखवाड़े के तहत राजस्थान ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
सीएम भजनलाल ने कहा कि लाडो प्रोत्साहन योजना के माध्यम से 7 किस्तों में 1.50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया गया है। इसमें अब तक पहली किस्त से 9 लाख से अधिक बालिकाएं, दूसरी किस्त से 7 लाख 73 हजार बालिकाएं तथा तीसरी किस्त से 95 हजार बालिकाएं लाभान्वित हुई हैं। इसी प्रकार, कालीबाई भील महिला संबल शिक्षा सेतु योजना के तहत 1 लाख से अधिक महिलाएं एवं बालिकाएं निशुल्क माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। प्रदेश में 11 लाख मेधावी बालिकाओं को साइकिल और 46 हजार को स्कूटी वितरित की गई है।
सीएम भजनलाल ने कहा किराजीविका के माध्यम से 25 लाख महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है तथा लगभग 20 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत ऋण सीमा को 50 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये किया गया है। इसमें 360 करोड़ रुपए की राशि के 3 हजार 559 ऋण आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नारी शक्ति प्रशिक्षण एवं कौशल संवर्धन योजना के अंतर्गत 2 लाख से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं को डिजिटल साक्षरता एवं डिजिटल कौशल प्रदान किया गया है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, सांसद मंजू शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की शासन सचिव पूनम सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और साथिन बहनों ने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र भी बांधा।