
Rajasthan : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दीपावली से पहले किसानों को बड़ी सौगात दी है। नागौर जिले के बिरलोका में 220 केवी ग्रिड सब-स्टेशन (जीएसएस) सफलतापूर्वक प्रारंभ हो गया है। इससे अजमेर विद्युत वितरण निगम (डिस्कॉम) के सभी 14 जिलों में किसानों को दिन के समय दो ब्लॉक में बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। इस व्यवस्था से क्षेत्र के किसानों को रात में सिंचाई कार्य से राहत मिलेगी तथा कृषि कार्य अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक हो सकेगा।
उल्लेखनीय है कि अब तक अजमेर डिस्कॉम के 14 में से 13 जिलों में किसानों को दिन में दो ब्लॉक में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था लागू थी। बिरलोका जीएसएस के शुरू होने से शेष जिले में भी इस व्यवस्था का विस्तार होगा। इस परियोजना से बिरलोका, नारवा, हिसाबा, पांचला सिद्धा, खींवसर, पांचौड़ी सहित आसपास के क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। विशेष रूप से संपूर्ण खींवसर तहसील में किसानों को दिन के समय दो ब्लॉक में बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
लगभग 170 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित इस जीएसएस में 160 एमवीए क्षमता का 220/132 केवी पावर ट्रांसफॉर्मर स्थापित किया गया है। अत्याधुनिक स्काडा प्रणाली के उपयोग से पश्चिमी राजस्थान में उत्पादित सौर ऊर्जा का नागौर जिले में बेहतर उपयोग संभव होगा। इसके साथ ही विद्युत छीजत में कमी आएगी तथा वोल्टेज स्तर, बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में सुधार होगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कृषक हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए वर्ष 2027 तक प्रदेश के किसानों को दिन में बिजली आपूर्ति की बजट घोषणा की और इस दिशा में प्रतिबद्धता से कार्य करते हुए अब तक प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाई जा रही थी। पर अब राजस्थान सरकार के ऊर्जा विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 27 जिलों में किसानों को सिंचाई के लिए दिन के दो ब्लॉक में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। अजमेर डिस्कॉम के नागौर, अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, डीडवाना-कुचामन, उदयपुर, सलूम्बर, प्रतापगढ़, राजसमंद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, झुन्झुनूं, सीकर एवं चित्तौड़गढ़, जयपुर डिस्कॉम के धौलपुर, बूंदी, कोटा, झालावाड़, जयपुर, डीग, भरतपुर, दौसा, करौली एवं टोंक तथा जोधपुर डिस्कॉम के जालौर, सिरोही एवं पाली जिलों में यह आपूर्ति मिल पा रही है।