जयपुर

पूर्व सीएम पर जमकर बरसे भजनलाल शर्मा, बोले- ‘इंतजार शास्त्र’ वाले तड़प रहे, क्योंकि उनके आलाकमान नहीं बुला रहे

CM Bhajanlal Sharma: जमवारामगढ़ में ‘मन की बात’ कार्यक्रम सियासी रंग में रंग गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्व सीएम पर निशाना साधते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।

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Mar 29, 2026
सीएम भजनलाल शर्मा। फोटो- पत्रिका

जमवारामगढ़। जमवाय माता की नगरी जमवारामगढ़ में रविवार को ‘मन की बात’ सुनने का मंच सियासी संदेश का माध्यम बन गया। सीएम भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को आमजन और कार्यकर्ताओं के साथ पीएम श्री विद्यालय में सुना।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता को अपनी ही सरकार के खिलाफ अजमेर से जयपुर तक मार्च निकालना पड़ा था। उनके पैरों में छाले पड़ गए थे। उनकी ही पार्टी के नेताओं ने उन्हें ‘नकारा-निकम्मा’ कहकर अपमानित किया था, लेकिन हमने उनके छालों की लाज रखी। माफिया को जेल भेजा और पेपरलीक पर लगाम लगाई।

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'आपस में लड़ रहे कांग्रेसी नेता'

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंतजार शास्त्र की बात करने वालों का प्रदेश की जनता ने झूठ का शास्त्र, भ्रष्टाचार का शास्त्र और जेजेएम घोटाला देखा है। कांग्रेस सरकार में जिनको ‘नकारा-निकम्मा’ कहा गया, आजकल उनकी दिल्ली में बहुत चल रही है। इस कारण इंतजार शास्त्र वाले तड़प रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी और कांग्रेस के बड़े नेताओं ने अपने बेटों को बार-बार लॉन्च किया, फिर भी ढाक के तीन पात रहे। कांग्रेसी नेता आज भी आपस में लड़ रहे हैं।

इसलिए है उनकी तड़प

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्विटर पर आजकल इंतजार शास्त्र चला रखा है, लेकिन निगाहें कहीं और और निशाना कहीं और है। यह उनकी तड़प है कि आलाकमान बेरुखी दिखा रहा है और असल में उन्हें बुलावे का इंतजार है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 19 मिनट का संबोधन दिया, जिसमें 12 मिनट गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के विकास पर केंद्रित रहे।

संतों का जीवन विश्व कल्याण एवं सनातन संस्कृति के लिए समर्पित

इससे पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि संतों का जीवन विश्व कल्याण और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित होता है। इनका सानिध्य मिलने से व्यक्ति अपने जीवन और कर्मों को सार्थकता की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए काम कर रही है।

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शर्मा रविवार को जयपुर में नेटवर्क 10 के संत संसद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमने गत दो वर्षों में राजकीय मंदिरों में वर्षभर उत्सवों के भव्य आयोजन के लिए वित्तीय स्वीकृतियां दी हैं। साथ ही पुजारियों का मानदेय भी बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के तीर्थ स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए काम कर रही है। पूंछरी का लौठा, खाटूश्याम जी और तीर्थराज पुष्कर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों के विकास के लिए रोडमैप बनाकर कार्य किए जा रहे हैं। हमारी सरकार कृष्ण गमन पथ के जरिए सनातन संस्कृति को संरक्षित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

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