28 मार्च 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

LPG Crisis: एलपीजी कालाबाजारी को लेकर सीएम भजनलाल शर्मा सख्त, तत्काल FIR के निर्देश

LPG Crisis: बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि एलपीजी से जुड़ी शिकायतों का समाधान 24 घंटे के भीतर किया जाए। इसके लिए जिलों में हेल्पलाइन और शिकायत पोर्टल को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Kamal Mishra

Mar 28, 2026

CM Bhajanlal Sharma

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। प्रदेश में एलपीजी की सुचारु आपूर्ति और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गैस की कालाबाजारी या अधिक कीमत वसूलने के मामलों में संबंधित संस्थाओं और व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उनके लाइसेंस निरस्त किए जाएं। साथ ही बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वालों को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जाए।

शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को एलपीजी आपूर्ति की नियमित समीक्षा करने और जमीनी हालात का फीडबैक लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गैस एजेंसियों और गोदामों का आकस्मिक निरीक्षण किया जाए तथा स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक भंडारण का मिलान भी अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर तुरंत कार्रवाई हो सके।

गोदामों के नियमित निरीक्षण के निर्देश

मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों को संयुक्त टीम बनाकर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में एलपीजी और आवश्यक वस्तुओं के गोदामों, एजेंसियों तथा वितरण केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जाए, ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

24 घंटे के भीतर शिकायतों का हो निस्तारण

बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि एलपीजी से जुड़ी शिकायतों का समाधान 24 घंटे के भीतर किया जाए। इसके लिए जिलों में हेल्पलाइन और शिकायत पोर्टल को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए और उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया, स्थानीय मीडिया और पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाकर लोगों को सही जानकारी दी जाए, ताकि अफवाहों के कारण कृत्रिम मांग की स्थिति न बने।

24 घंटे के अंदर दी जाएं स्वीकृतियां

मुख्यमंत्री ने गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ओटीपी आधारित वितरण और डायरी में एंट्री को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के विस्तार को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाइपलाइन बिछाने से संबंधित सभी स्वीकृतियां 24 घंटे के भीतर जारी की जाएं और औद्योगिक इकाइयों को पीएनजी अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए।

हेल्पलाइन नंबर जारी

बैठक में बताया गया कि राज्य में अब तक 3 हजार 741 निरीक्षण किए जा चुके हैं, जिनमें 1 हजार 506 गैस एजेंसियों की जांच शामिल है। आमजन की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 14435, 112 और 181 भी संचालित किए जा रहे हैं। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और सभी जिलों के कलेक्टर वर्चुअली जुड़े।