कांग्रेस नेता ने विरोध करते हुए कहा कि अवैध बजरी खनन का मामला आम जनता से जुड़ा मुद्दा है और इससे प्रदेश के मजदूर बेरोजगार हो रहे हैं।
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में गुरुवार के दिन अवैध बजरी निकासी पर कार्यवाही से संबंधित प्रश्न का स्थगित करने पर सदन में जोरदार हंगामा शुरु हो गया। तो वहीं पक्ष और विपक्ष की नोकझोंक के बाद कांग्रेस ने प्रश्नकाल का बहिष्कार कर दिया। दरअसल, विधानसभा में प्रश्न काल के दौरान भाजपा विधायक प्रहलाद गुंजल द्वारा लगाए गए प्रश्न को विस अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने स्थगित कर दिया। और इस बाद में चर्चा करने को कहा, जिसके बाद कांग्रेस ने इसका विरोध शुरू कर चर्चा की मांग शुरु कर दी। जिसे लेकर सदन में भारी हंगामा हो गया।
अवैध बजरी खनन से मजदूर हो रहे बेरोजगार-
कांग्रेस नेता गोविंद डोटासरा ने इस निर्देश का विरोध करते हुए कहा कि अवैध बजरी खनन का मामला आम जनता से जुड़ा मुद्दा है और इससे प्रदेश के मजदूर बेरोजगार हो रहे हैं। इसलिए इस मुद्दे पर आज ही चर्चा कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बजरी माफिया हावी है जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। जिसके बाद नेता प्रतपिक्ष रामेश्वर डूडी ने भी खड़े होकर आसन से इस पर आज ही चर्चा कराने की मांग की।
अध्यक्ष ने कहा सदन चलेगा नियमों से-
इसी दौरान विपक्ष के सदस्य खड़े होकर बैल में आने का प्रयास करने लगे तब अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने कहा कि आप आना चाहे तो आ जाएं लेकिन सदन नियमों से ही चलेगा। इस मुद्दे पर पक्ष विपक्ष में जमकर आरोप प्रत्यारोप लगाये गयए। संसदीय कार्य मंत्री राजेन्द्र राठौड और सचेतक मदन राठौड सहित अनेक सदस्यों ने खड़े होकर कहा कि विपक्ष आसन की व्यवस्था को चुनौती दे रहे है जो असंवैधानिक है।
तो वहीं प्रश्नकाल में लगातार हो रहे हंगामे को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस प्रश्न पर आज नहीं बाद में किसी भी समय चर्चा की जएगी। साथ ही सदन में लगातार हो रहे हंगामे को देखते हुयए विपक्ष के व्यवहार को लेकर अफसोस भी जाहिर की। विपक्ष के सदन से बहिष्कार के बाद संसदीय मंत्री ने सुझाव रखा कि इस प्रश्न को बाद में इसी नंबर पर प्रश्नकाल में शामिल कर लिया जाए। जिस पर अध्यक्ष ने कहा कि यह जरूरी नहीं कि इसी नंबर पर यह प्रश्न रखा जाए।