
जयपुर। नगरीय निकाय चुनाव में पार्टी लाइन से हटकर काम करने वाले नेताओं और पार्षदों पर कार्रवाई को लेकर कांग्रेस अब पंचायत चुनाव से पहले संगठन में सख्ती का संदेश देने की तैयारी में है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सी.पी. जोशी की अध्यक्षता में गठित कमेटी की शुक्रवार को फिर बैठक होगी। कमेटी को भीलवाड़ा, पाली, धौलपुर, भरतपुर, बीकानेर, कोटा सहित अन्य शहरों में महापौर-उपमहापौर चुनाव के दौरान कथित क्रॉस वोटिंग, पार्टी समर्थित उम्मीदवारों के नाम वापस लेने और पार्टी लाइन के खिलाफ काम करने को लेकर 100 से अधिक शिकायतें मिली हैं।
राजस्थान कांग्रेस ने 2 अक्टूबर को जोशी की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर सात दिन में शिकायतों की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। यह अवधि शुक्रवार को पूरी हो रही है। गंभीर मामलों में शिकायतकर्ताओं और जिन नेताओं के खिलाफ शिकायतें मिली हैं, उन्हें पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है।
बता दें कि पीसीसी चीफ अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने यह कमेटी बनाई है, जिसमें राम सिंह कस्वां, मुरारी लाल मीणा, कुलदीप इंदौरा, प्रमोद जैन भाया, शकुंतला रावत, हकीम अली, गणेश घोगरा और रघुवीर सिंह राठौड़ सदस्य के तौर पर शामिल हैं। यह पैनल भीलवाड़ा, पाली और भरतपुर समेत कई नगर निकायों से प्रदेश कांग्रेस को मिली शिकायतों की जांच पूरी कर चुका है।
पूर्व मंत्री विश्वेन्द्र सिंह को प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पार्टी लाइन से अलग बयानों को लेकर दिए गए कारण बताओ नोटिस की सात दिन की अवधि भी आज पूरी होगी। इसके बाद अनुशासन समिति उनके जवाब पर निर्णय लेगी।
इधर, प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए कांग्रेस ने चुनावी तैयारियों को गति देते हुए 20 सदस्यीय कैंपेन कमेटी गठित की है। प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा की ओर से गठित कमेटी में प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है।
कमेटी में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी, पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, मध्यप्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, सांसद नीरज डांगी, रामकेश मीणा, रफीक खान, उदयलाल आंजना, प्रमोद जैन भाया, शाले मोहम्मद, प्रताप सिंह खाचरियावास, शकुंतला रावत, ममता भूपेश, गणेश घोगरा, हरसहाय यादव, एमडी चोपदार और सीबी यादव को भी जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी के अग्रिम संगठनों के प्रदेशाध्यक्षों को भी कमेटी में शामिल किया गया है। कमेटी पंचायत चुनाव के लिए कांग्रेस के अभियान और चुनावी गतिविधियों के संचालन में भूमिका निभाएगी।